February 14, 2026

भगवान खुश, भक्त फिट…ये घास चमत्कारी, गणेश जी की प्रिय, सेहत के लिए वरदान

गणेश जी की पूजा में दूब घास की खास जगह है. लगभग हर गणेश पूजा में आप देखेंगे कि दूब जरूर चढ़ाई जाती है. इसके पीछे धार्मिक मान्यता जुड़ी है. कहा जाता है कि एक बार गणेश जी को भयंकर गर्मी और पीड़ा होने लगी. तब ऋषियों ने उनके माथे पर ठंडी दूब घास चढ़ाई, जिससे उन्हें तुरंत शांति मिली. तभी से दूब घास को गणेश जी का प्रिय प्रसाद माना जाने लगा. धार्मिक मान्यता है कि अगर सच्चे मन से गणेश जी को दूब चढ़ाई जाए, तो जीवन के विघ्न दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है. इसी वजह से लोग हर बुधवार या खास अवसरों पर गणेश जी को दूब अर्पित करते हैं.

पंडित बलदेव दत्त भट्ट बताते हैं कि दूब घास सिर्फ आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. इसका रस शरीर को ठंडक देता है, खून को साफ करने में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक हैं. त्वचा की समस्याओं और पेट से जुड़ी दिक्कतों में भी दूब का इस्तेमाल घरेलू नुस्खों में किया जाता है. सुबह-सुबह नंगे पैर दूब घास पर चलना भी बहुत लाभकारी है. इससे तनाव कम होता है, ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है और नींद की समस्या में भी राहत मिलती है.

भक्तों के लिए वरदान
ओस से भीगी दूब पर चलने से मन को शांति मिलती है और दिनभर ताजगी बनी रहती है. पंडित बलदेव दत्त भट्ट बताते हैं कि दूब घास भगवान गणेश को बहुत प्रिय है. पूजा में इसे चढ़ाने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन से विघ्न दूर करते हैं. इसे धार्मिक और आयुर्वेदिक दोनों दृष्टि से खास माना गया है. इस तरह छोटी-सी दिखने वाली दूब घास आस्था, सेहत और सौभाग्य तीनों का अनमोल वरदान है