नई दिल्ली: आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने नकली वीजा के जरिये एक यात्री को कनाडा भेजने का प्रयास करने वाले एजेंट को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। आरोपित एजेंट ने यात्री से 15 लाख रुपये में सौदा कर उसे कनाडा भेजने का वादा किया था, लेकिन नकली वीजा मिलने के बाद यात्री को ताइवान से नई दिल्ली भेज दिया गया। गिरफ्तार एजेंट नाम विशन दत्त उर्फ विशु है। आईजीआई एयरपोर्ट की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि 23 जून की रात तरसेम लाल (47) ताइवान में कनाडा के लिए आगे की बोर्डिंग से इंकार किए जाने के बाद आईजीआई एयरपोर्ट पर पहुंचा।
कनाडा का फर्जी वीजा मिलने पर लौटाया गया दिल्ली
उसके यात्रा दस्तावेजों की जांच में अधिकारियों ने पाया कि उसके पासपोर्ट में एक नकली कनाडाई वीजा लगा है। यात्री को धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस के हवाले कर दिया गया। एयरपोर्ट थाना पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यात्री तरसेम लाल ने पुलिस को बताया कि उसके कई स्वजन कनाडा गए हैं और अच्छी कमाई कर रहे हैं। वह भी बेहतर आजीविका के लिए वहां जाना चाहता था। वह अपने गांव के एजेंट विशन के संपर्क में आया। विशन ने 15 लाख रुपये में एक मल्टी-एंट्री विजिटर वीजा की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
एजेंट ने कनाडा में नौकरी दिलाने का वादा भी किया था
साथ ही वहां नौकरी दिलाने की बात कही। सौदा तय होने के बाद यात्री ने एजेंट को 5.5 लाख रुपये दे दिए। शेष रकम गंतव्य पर देने की बात हुई। तरसेम ने बताया कि 11 मई 2025 को वह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से मलेशिया के लिए रवाना हुआ। वहां वह एक माह रहा। इस दौरान एजेंट के एक सहयोगी ने उसका पासपोर्ट ले लिया और बाद में उसे कनाडा का वीजा लगाकर लौटा दिया। फिर विशन ने कनाडा जाने के लिए उसके लिए मलेशिया से इंडोनेशिया, फिर बैंकाक और अंत में ताइपे की यात्रा की व्यवस्था की। ताइपे पहुंचने पर एयरपोर्ट अधिकारियों ने उसके पासपोर्ट में कनाडा का नकली वीजा देखकर उसे वापस नई दिल्ली भेज दिया।
एजेंट को हरियाणा के यमुना नगर से पकड़ा गया
एसआई राजेश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यात्री के निशानदेही और तकनीकी जांच के जरिये एजेंट विशन दत्त को बुधवार को यमुनानगर हरियाणा के एक ठिकाने से पकड़ लिया। पूछताछ में विशन से पुलिस को पता चला कि वह आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। वह 2022 में वह एजेंटों के एक समूह के संपर्क में आया, जो विदेश यात्रा और रोजगार दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। जल्द पैसा कमाने के लिए वह उनके साथ एजेंट के रूप में काम करने लगा। उसने तरसेम के संपर्क करने पर अपने साथियों की मदद से वीजा और ताइपे के जरिए कनाडा की यात्रा सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था की। पुलिस ठगी में शामिल अन्य एजेंटों की पहचान करने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

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