जयपुर। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शास्त्री नगर थाना पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत एक संगठित ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश करते हुए महिला होमगार्ड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से शहर में फैल रहे नशे के जाल के कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मीनू गुप्ता और झोटवाड़ा निवासी सिकंदर खान शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मीनू गुप्ता होमगार्ड में तैनात थी और उसकी ड्यूटी एक आईएएस अधिकारी के बंगले पर बताई जा रही थी। इसके बावजूद वह खोराबीसल स्थित अपने घर से मादक पदार्थों की सप्लाई का नेटवर्क संचालित कर रही थी। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से कुल 150 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन), करीब 1.987 किलो गांजा और एक स्कूटी बरामद की गई है, जिसका उपयोग ड्रग्स की सप्लाई में किया जाता था। जांच में सामने आया कि मीनू गुप्ता युवकों को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उन्हें ड्रग पैडलर बनाती थी। साथ ही वह उन्हें पुलिस से बचने के तरीके सिखाती और अपनी कथित पहुंच का डर दिखाकर इस अवैध धंधे में शामिल करती थी।
पॉश इलाके में नशे की सप्लाई करता था
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह स्कूल-कॉलेज, कैफे और शहर के पॉश इलाकों में नशे की सप्लाई करता था। आरोपी सीकर से मादक पदार्थ मंगवाते थे और फिर अपने नेटवर्क के जरिए जयपुर में वितरण करते थे। नए युवाओं को प्यार के जाल में फंसाकर यह रैकेट तेजी से फैलाया जा रहा था।
संयुक्त टीम ने चलाया अंडरकवर ऑपरेशन
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए शास्त्री नगर, संजय सर्किल और रामगंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अंडरकवर ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने होटल, चाय की थड़ियों, कैफे और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास खुफिया जानकारी जुटाकर यह कार्रवाई की। प्रोबेशनर आरपीएस विमला विश्नोई के नेतृत्व में टीम ने सिकंदर खान को अंबाबाड़ी क्षेत्र में द्रव्यवती नदी के पास से गिरफ्तार किया, जबकि मीनू गुप्ता को खोरा बीसल इलाके से पकड़ा गया। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों और सप्लाई चेन की गहन जांच में जुटी हुई है।

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