इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में एक राष्ट्र एक चुनाव पर आयोजित एक राष्ट्रव्यापी सम्मेलन में इस पहल को देश की प्रगति और अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस तीव्र गति से विकास कर रहा है, उसमें यह कदम अनावश्यक खर्चों और समय की बर्बादी को रोककर देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि 1967 से पहले भारत में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ ही होते थे और अब उसी पुरानी, कारगर व्यवस्था को पुनर्जीवित करने का समय आ गया है।
अपने संबोधन के दौरान डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि जब भी देश के सामने कोई बड़ी चुनौती आई है, उन्होंने निडरता से उसका सामना किया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद वहाँ आए सुशासन का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने कुशल नेतृत्व से देश की दिशा को बदल दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में प्रधानमंत्री का बड़ा योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री ने भाषा के महत्व पर भी बात की। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रभाषा बताते हुए सभी से इसका सम्मान करने का आग्रह किया, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि भारत की अन्य सभी भाषाएँ भी समान रूप से सम्मानीय हैं और उनका आदर करना हम सब का कर्तव्य है।
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल वी.एस. कोकजे ने की। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा, रमेश मेंदोला और गोलू शुक्ला सहित कई गणमान्य व्यक्ति और नागरिक मौजूद थे। इस सम्मेलन ने एक राष्ट्र एक चुनाव के विचार को लेकर जनमानस में एक नई बहस और जागरूकता पैदा की है, जिसे मुख्यमंत्री ने देश के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।

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