होली के इस पावन अवसर पर गोविंददेवजी मंदिर परिसर में भक्ति, रंग और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। भक्तों ने ठाकुरजी के साथ जमकर होली खेली।
राजधानी जयपुर के आराध्य देव के दरबार में आज होली का पारंपरिक उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। श्री गोविंददेवजी मंदिर में सुबह 10:30 बजे से रंगोत्सव की शुरुआत हुई।
महंत अंजन गोस्वामी ने ठाकुरजी को सर्वप्रथम फूलों की होली अर्पित की, इसके बाद विधिवत गुलाल चढ़ाया गया। मंदिर परिसर चंग की थाप और फाग गीतों की मधुर धुनों से गूंज उठा। भक्तों ने भक्ति और उत्साह के साथ रंगों के इस पावन पर्व का आनंद लिया।
सुबह से ही दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर प्रशासन ने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए, जिससे भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
3 मार्च को चंद्रग्रहण के कारण दर्शनों के समय में आंशिक परिवर्तन रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगला, धूप, श्रृंगार और राजभोग दर्शन नियमित समय पर होंगे।
ग्रहणकाल के दौरान विशेष दर्शन दोपहर 3:15 बजे से शाम 6:50 बजे तक उपलब्ध रहेंगे। इसके पश्चात मंदिर के नियमित दर्शन 4 मार्च की सुबह से पुनः प्रारंभ होंगे।

More Stories
Rajasthan को मिलेगा एक और नया एयरपोर्ट, विकास को रफ्तार
Udaipur में भद्रा-चंद्रग्रहण का संशय समाप्त, आज होगा होलिका दहन
Jalandhar में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल से मचा हड़कंप