February 4, 2026

काशी में कैंसर के मरीज बढ़े, रेडियोथेरेपी में 30% इजाफा

वाराणसी|महामना कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल में पिछले साल के मुकाबले 30 फीसदी ज्यादा कैंसर मरीजों को रेडिएशन दिया जा रहा है। दोनों जगह हर दिन 350 से ज्यादा मरीजों को रेडिएशन मिल रहा और 2025 में 4735 मरीजों ने रेडिएशन लिया, जबकि 2024 में 3641 लोगों ने लिया। वहीं 2018 में एक साल में 535 लोगों को थेरेपी दी गई। सबसे ज्यादा 25 फीसदी मरीज मुख कैंसर से ग्रसित थे, जिन्होंने रेडिएशन की थेरेपी कराई। ये आंकड़े मंगलवार को अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी किए गए। विश्व कैंसर दिवस पर जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश सहित आसपास के पड़ोसी राज्यों के कैंसर मरीज बेहतर और आधुनिक इलाज के लिए ज्यादा आते हैं। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर (एमपीएमएमसीसी) केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल (एचबीसीएच) को मिलाकर कुल छह अस्पतालों के आंकड़े हैं। यहां पर पिछले साल तीन अतिरिक्त रेडिएशन मशीनें लगाईं गईं।

65 फीसदी को इलाज में रेडियोथेरेपी की जरूरत

महामना पं. मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. आशुतोष मुखर्जी ने बताया कि अस्पताल आने वाले लगभग 60 से 65 प्रतिशत मरीजों को इलाज के किसी न किसी चरण में रेडियोथेरेपी की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि जब वर्ष 2018 में अस्पताल की शुरुआत हुई थी, उस वर्ष केवल 532 मरीजों को रेडिएशन थेरेपी दी गई थी, जबकि साल 2025 में यह संख्या बढ़कर 4,735 हो गई।

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35 दिन का है थेरेपी कोर्स

डॉ. मुखर्जी के मुताबिक रेडिएशन थेरेपी लेने वाले मरीजों में करीब 25 फीसदी मरीज मुख कैंसर से पीड़ित होते हैं। इसका मुख्य कारण तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों का सेवन है। एक मरीज को रेडिएशन थेरेपी का पूरा कोर्स करने में औसतन 35 दिन का समय लगता है, हालांकि मरीज की स्थिति के अनुसार यह अवधि कम या ज्यादा हो सकती है। मुख कैंसर के बाद स्तन कैंसर के मरीजों की संख्या रेडिएशन थेरेपी के लिए दूसरे स्थान पर है। कैंसर के इलाज में समय पर जांच और बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में पहचान बहुत जरूरी है। रेडिएशन विभाग के डॉ. संबित स्वरूप नंदा ने बताया कि अस्पताल में अत्याधुनिक मशीनों के साथ एडवांस तकनीक भी है। इसमें खासकर श्वास के साथ मैच कर रेडिएशन देने के साथ ही त्वचा संबंधित बीमारियों के लिए रेडिएशन दिया जाता है।

पीएम मोदी ने किया दो मशीनों का उद्घाटन

अस्पताल के निदेशक डॉ. सत्यजीत प्रधान ने बताया कि शुरुआती दौर में अस्पताल में केवल एक रेडिएशन मशीन उपलब्ध थी, जबकि वर्तमान में दोनों अस्पतालों को मिलाकर कुल छह आधुनिक रेडिएशन मशीनें कार्यरत हैं। तीन नई मशीनें पिछले वर्ष शुरू की गई थीं, जिनमें से दो का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

वर्ष                        रेडिएशन पाने वाले मरीजों की संख्या

2018                         532
2019                         1153
2020                         2090
2021                         3050
2022                         3264
2023                         3307
2024                         3641
2025                         4735