February 12, 2026

16 फरवरी से एमपी विधानसभा का बजट सत्र, तीन मंत्रियों पर कांग्रेस का निशाना

भोपाल।  16 फरवरी से शुरू हो रहे मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हंगामेदार रहने के पूरे संकेत हैं. कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह सरकार के तीन मंंत्री जिसमें, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह को सदन में घेरने के साथ उनका बहिष्कार करेगी. पार्टी का कहना है कि इन मंत्रियों को न तो बोलने दिया जाएगा और न ही उनकी बात सुनी जाएगी।

किन मुद्दों को लेकर विधानसभा में होगा हंगामा?

कांग्रेस ने छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में कथित रूप से जहरीले कफ सीरप “कोल्ड्रिफ” के सेवन से बच्चों की मौत का मामला प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया है।

इसके अलावा, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 35 लोगों की मौत का मुद्दा भी सदन में गूंजेगा।

सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर भी कांग्रेस पार्टी सरकार को कटघरे में खड़ा करेगी।

इन मुद्दों को लेकर सत्र के दौरान जोरदार हंगामे की संभावना जताई जा रही है।

जीतू पटवारी ने क्या आरोप लगाया?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि बच्चों की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. उनका कहना है कि भागीरथपुरा की घटना में भी नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जिम्मेदारी से बच रहे हैं. वहीं, कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी के मामले में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई न होने को लेकर भी सरकार पर संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है।

कांग्रेस ने 16 को बुलाई विधायक दल की बैठक

कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक 16 फरवरी को भोपाल में बुलाई है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति तय की जाएगी. कांग्रेस कानून-व्यवस्था की स्थिति, प्रदेश पर बढ़ते कर्ज, अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग पर अत्याचार, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को आक्रामक ढंग से उठाने की तैयारी में है।

बजट पर बनेंगे हंगामे के आसार

सरकार की ओर से जहां बजट को विकासोन्मुखी और जनहितैषी बताने की तैयारी है, वहीं विपक्ष ने सत्र को जवाबदेही का मंच बनाने का संकेत दिया है. ऐसे में 16 फरवरी से शुरू हो रहा बजट सत्र सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी टकराव का गवाह बन सकता है।