नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में पहुंचे कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बुधवार को बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन लोगों को वंदे मातरम् पर अपनी बात रखने का कोई नैतिक हक नहीं है। हमारी पार्टी ने वंदे मतारम् को जीया है, जो हमारी रगों में है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों से लड़ाई में कांग्रेस सबसे आगे रही है। हम लोगों ने वंदे मातरम् गाते हुए अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला। बीजेपी को किसी भी सूरत में वंदे मातरम् को लेकर अपनी बात कहने का कोई हक नहीं है।
कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने नाम बदलने में महारत हासिल कर रखी है। इन लोगों ने शहरों, सड़कों और ऐतिहासिक इमारतों का नाम बदलने के अलावा और कुछ भी हासिल नहीं किया। अब मेरा केंद्र सरकार से कहना है कि आप लोग काम करने का तरीका बदलो, तो ज्यादा बेहतर रहेगा।
वहीं, एनसीपी (शरदचंद्र गुट) की नेता फौजिया खान ने पश्चिम बंगाल में मस्जिद विवाद अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी मस्जिद का निर्माण सरकारी पैसे से नहीं किया जाता है। मस्जिद का निर्माण नमाज पढ़ने वाले लोगों के सहयोग से होता है। साथ में शर्त यह होती है कि वो पैसा हलाल होना चाहिए, यानी की किसी भी अनैतिक गतिविधियों से कमाया हुआ पैसा नहीं होना चाहिए, क्योंकि किसी भी गैर कानूनी तरीके से कमाए जाने वाले पैसे मस्जिद का निर्माण करने में वर्जित है।
फौजिया ने समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव के बयान के संबंध में कहा कि देश में आगे चलकर कैसे हालात होंगे, ये उस देश की जनता पर निर्भर करता है। इस पर हम किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं कर सकते हैं, लेकिन इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि केंद्र की मोदी सरकार लगातार जनता के हितों पर कुठाराघात कर रही है। अगर सरकार ने स्थिति को बदलने की कोशिश नहीं की, तो लोगों का आक्रोश अपने चरम पर पहुंच जाएगा और मौजूदा समय में सरकार अपनी गलतियों से सीखने के लिए तैयार नहीं हो रही है।
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि केंद्र सरकार एसआईआर को लेकर अनैतिक रास्ता अपना रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अब केंद्र सरकार की पोल खुल रही है। अब देश की जनता पर्दे के पीछे की पूरी सच्चाई से वाकिफ हो रही है। हर कोई केंद्र सरकार की मंशा को समझ पा रहा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी ने कहा कि मौजूदा समय में कई मुद्दों को लेकर चर्चा हो रही है, जिसमें वंदे मातरम और संचार साथी एप प्रमुख रूप से शामिल हैं। ऐसी स्थिति में हमें पूरी उम्मीद है कि आगामी दिनों में संसद का सत्र आगामी दिनों में सुचारू रूप से चलेगा।
वहीं, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी ने कहा कि उस समय किन परिस्थितियों में कोई फैसला लिया गया, वो कई कारकों पर निर्भर करता है। उस समय देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ ही था, तो उन दिनों किन परिस्थितियों में निर्णय लिए गए थे, वो कई कारकों पर निर्भर करता है। ऐसी स्थिति में हम वर्तमान में एकदम से कोई भी टिप्पणी नहीं कर सकते हैं।
वहीं बीजेपी नेता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि आज की तारीख में विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। वो बेवजह के मुद्दों को लेकर चर्चा करने पर जोर दे रहे हैं, जिसका कोई मतलब नहीं है। विपक्ष के लोगों को यह समझना होगा कि एसआईआर चुनाव आयोग की तरफ से कराया जा रहा है, जिसके तहत फर्जी नागरिकों को चिन्हित किया जा रहा है। अब अगर विपक्ष को इस पर आपत्ति है, तो इस मुद्दे को लेकर संसद में चर्चा की जाएगी। हमारी सरकार खुली किताब की तरह है, जो हर मुद्दे पर चर्चा करती है। हम चर्चा से भागते नहीं हैं। देश की जनता से कुछ भी छुपाया नहीं जाएगा।
बीजेपी सांसद दर्शन चौधरी ने कहा कि इन लोगों ने सत्ता में रहते हुए देश को गर्त में पहुंचा दिया था। आज पीएम मोदी के नेतृत्व में देश सही दिशा में है। आज की तारीख में हर जगह विकास कार्य हो रहे हैं। हमारी सरकार जनता के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करती है।

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