दुर्ग जिले के बोरी तहसील में पदस्थ लिपिक वीरेंद्र तूरकाने को एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने 17 हजार 500 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की टीम उसे अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया।
यह कार्रवाई ग्राम टेकापार निवासी किसान धनेन्द्र की शिकायत पर की गई। धनेन्द्र अपनी जमीन का नामांतरण करवाने के लिए कई दिनों से तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहा था। लिपिक वीरेंद्र तूरकाने ने नामांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 17 हजार 500 रुपए की रिश्वत मांगी थी।
पैसा नहीं देने के कारण वह किसान को लगातार चक्कर लगवा रहा था। परेशान होकर किसान ने एसीबी से संपर्क किया और लिखित शिकायत की। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने पकड़ने की योजना बनाई। जैसे ही तूरकान ने रिश्वत की राशि ली, टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा। आरोपी से मौके पर ही राशि जब्त कर ली गई है। फिलहाल एसीबी आरोपी बाबू से पूछताछ कर रही है।

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