नई दिल्ली। अमेरिका का यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS)अवैध प्रवासियों के लिए एक नई सेल्फ-डिपोर्टेशन योजना का जोर-शोर से प्रचार कर रहा है। इस अभियान के पोस्टरों में भारत के ताज महल की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है। इसके जरिए भारत लौटने के लिए मुफ्त हवाई टिकट और 2,600 डॉलर (लगभग ₹2.4 लाख) की प्रोत्साहन राशि की पेशकश की जा रही है। यह कदम ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीति का हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासन एक ओर अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई तेज कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कानूनी प्रवासियों के लिए भी नियम कड़े किए जा रहे हैं।
डीएचएस ने बताई पूरी प्रक्रिया
डीएचएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि जो लोग स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ना चाहते हैं, वे सीबीपी होम एप के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इस एप के माध्यम से आवेदक अपनी जानकारी दर्ज कर यात्रा सहायता और आर्थिक प्रोत्साहन से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
क्या है प्रोजेक्ट होमकमिंग?
यह योजना प्रोजेक्ट होमकमिंग के तहत लाई गई है, जिसे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने 2025 में शुरू किया था। डीएचएस के मुताबिक, यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी का रास्ता है, जिनके पास अमेरिका में रहने का वैध आधार नहीं है। योजना के तहत पात्र लोगों को सरकारी खर्च पर टिकट और देश छोड़ने के बाद नकद बोनस दिया जाता है।
इन देशों को भी किया गया शामिल
अभियान में भारत के अलावा चीन और कोलंबिया की झलकियां भी दिखाई गई हैं, क्योंकि इन देशों से बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी अमेरिका में रहते हैं। पोस्ट में संदेश दिया गया कि आप घर लौटकर नई शुरुआत कर सकते हैं, मुफ्त फ्लाइट और 2,600 डॉलर का एग्जिट बोनस पाएं।
अभियान को लेकर हो रही आलोचना
हालांकि, इस अभियान को लेकर आलोचना भी हो रही है। ताज महल जैसे प्रेम और विरासत के प्रतीक को प्रवासन-विरोधी अभियान से जोड़ने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही, अमेरिका में सख्त प्रवासन नीतियों के बीच भारतीय पेशेवरों, खासकर H-1Bवीजा धारकों और ग्रीन कार्ड होल्डर्स के खिलाफ बढ़ती नकारात्मक घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। डीएचएस की पूर्व प्रमुख क्रिस्टी नोएम ने नवंबर 2025 में दावा किया था कि ट्रंप के कार्यकाल शुरू होने के बाद से 16 लाख से अधिक लोग स्वेच्छा से देश छोड़ चुके हैं, जो इस नीति के प्रभाव को दर्शाता है।

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