February 26, 2026

कत्ल के बाद पनीर-मिठाई लेकर घर पहुंचा अक्षत, ‘नीले ड्रम कांड’ में चौंकाने वाला खुलासा

लखनऊ |उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ में शराब कारोबारी और पैथोलोजी संचालक की हत्या के मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पिता की हत्या करने वाले बेटे को लेकर कई खुलासे हुए हैं। पिता की हत्या करने के बाद आरोपी बेटे अक्षत के चेहरे पर पछतावे की शिकन तक नहीं थी। कत्ल के बाद उसने घर में ऐसा सामान्य माहौल बनाया कि किसी को भनक तक न लगे। जिस पिता ने बच्चों की खातिर दूसरी शादी नहीं की, उनके खून से हाथ रंगने के बाद अक्षत बाजार से पनीर और मिठाई खरीद कर लाया।मानवेंद्र के भाई अरविंद की पत्नी ही पूरे परिवार के लिए भोजन बनाती थीं। हत्या के बाद अक्षत ने चाची को पनीर लाकर दिया। चाची ने खाना तैयार किया और फिर घर के अन्य सदस्यों के साथ बैठकर अक्षत ने सामान्य तरीके से भोजन किया। उसने मिठाई भी खिलाई ताकि किसी को शक न हो कि घर के भीतर कोई खौफनाक वारदात हुई है। उधर, वारदात के समय आरोपी की बहन कक्षा 11 की छात्रा कृति पिता और भाई के साथ कमरे में ही थी। पिता की मौत के बाद अक्षत ने कृति को खौफ की ऐसी जंजीरों में जकड़ा कि वह पत्थर बन गई। अक्षत ने उसे धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो वह उसे भी मार देगा। पिता की हत्या के बाद परीक्षा देने गई थी बेटी, दहशत में रही खामोश खौफ का आलम यह था कि 20 फरवरी को कृति परीक्षा देने स्कूल भी गई। उसने परीक्षा दी, लेकिन न तो शिक्षकों और न ही सहेलियों से कुछ साझा किया। वह चुपचाप घर लौटी और भाई के आदेशों का पालन करती रही। कृति के दोस्त हैरान हैं कि कृति ने किसी से भी कुछ साझा नहीं किया। कॉलोनी के लोगों के मुताबिक, मानवेंद्र अपनी बेटी कृति से बेहद प्रेम करते थे। बच्चों की देखरेख में कोई कमी न रह जाए, इसलिए उन्होंने दूसरी शादी नहीं की। वे बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हीं के कमरे में सोते थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस बेटे के भविष्य के लिए वे खुद को खपा रहे हैं, वही उनकी जान का दुश्मन बन जाएगा।

अंतिम संस्कार का हक खोया, भतीजे ने दी मुखाग्नि

पिता का कत्ल करने के आरोपी अक्षत ने अंतिम संस्कार का हक भी खो दिया। बुधवार को मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के छठवें दिन उनका अंतिम संस्कार वीआईपी रोड स्थित बैकुंठ धाम में किया गया। शव को मानवेंद्र के भाई अरविंद के बेटे कृत सिंह ने मुखाग्नि दी। 
इस दौरान हर कोई अक्षत की करतूत पर उसे कोस रहा था। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को देर शाम हो जाने के कारण शव को मॉर्च्यूरी में ही रखा गया था। बुधवार सुबह परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव लेकर रवाना हुए। शव को घर लाते ही कोहराम मच गया। परिजनों की चीत्कार से पूरी कॉलोनी के लोगों की आंखों में आंसू आ गए। मानवेंद्र की मां बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला |जेल में अजीब हरकतें करता रहा अक्षत, भर्ती बुधवार शाम को अक्षत को जिला कारागार भेज दिया गया। जेल पहुंचने के बाद वह अजीब हरकतें करता रहा। बार-बार बोल रहा था कि गिर जाऊंगा। पापा ने मुझे मारा तो मैंने उन्हें मार दिया। अक्षत की हरकतों को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया। अक्षत को डॉक्टरों की निगरानी में जेल में रखा गया है। आरोपी की काउंसिलिंग भी की जा रही है।

पुलिस ने बेटी से भी की पूछताछ, बोलने से कतराती रही

आशियाना पुलिस ने मानवेंद्र की बेटी कृति से भी पूछताछ की। कृति ने पुलिस के किसी भी सवाल का साफ जवाब नहीं दिया। वह हर सवाल पर चुप्पी साधे रही।इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह का कहना है कि नियमों का पालन करते हुए किशोरी से बात की गई थी। किशोरी की कोई भूमिका सामने नहीं आई है।

यह था मामला

लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उन्हीं के बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर दोनों हाथ व पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए। सिर सहित धड़ घर के भीतर ड्रम से बरामद किया गया है। पुलिस ने बेटे के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, 21 फरवरी को आशियाना थाने पर मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। पुलिस ने सचिवालय सुरक्षा में तैनात मानवेंद्र के भाई अरविंद कुमार से मामले की जानकारी ली। इसके बाद अक्षत से पूछताछ की तो पता चला कि मानवेंद्र बेटे पर नीट परीक्षा की तैयारी का दबाव बना रहे थे। 20 फरवरी को सुबह 4:30 बजे इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हो गया। गुस्से में आकर अक्षत ने पिता को लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। वह जालौन में रहते हैं। 

हाथ-पैर फेंके, सिर सहित धड़ घर में ड्रम में मिला

वारदात मकान के तीसरे तल पर हुई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद वह शव को घसीटते हुए भूतल पर लाया। यहां खाली कमरे में शव रख दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। पहले कार में लादकर गोमती नदी में फेंकने की साजिश रची, लेकिन शव का वजन ज्यादा था। इससे वह अकेले ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद आरी खरीदकर लाया और पिता के शव के टुकड़े कर दिए। धड़ ठिकाने नहीं लगा सकने पर नीला ड्रम खरीदकर लाया और उसमें डाल दिया। इससे पहले कि अक्षत धड़ को ठिकाने लगाता उसकी करतूत उजागर हो गई।