नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सदस्य प्रताप सिम्हा ने संसद सुरक्षा चूक के मामले पर रविवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान जनता तय करेगी कि वह देशभक्त हैं या गद्दार। उन्होंने कहा कि वह घटना और जांच में कोई भी नई चीज नहीं जोड़ना चाहते। सिम्हा ने कहा कि उन्होंने सब कुछ भगवान और अपने प्रशंसकों पर छोड़ दिया है, जो यह तय करेंगे कि उनके खिलाफ लगाए कथित 'देशद्रोह' के आरोप सही हैं या नहीं।
13 दिसंबर को लोकसभा सदन में कूदने लगाने वाले प्रदर्शनकारी प्रताप सिम्हा के कार्यालय की ओर से जारी पास लेकर संसद में घुसे थे और उन्होंने सदन में 'कैन' से धुआं छोड़ा था। भाजपा सांसद ने कहा, 'प्रताप सिम्हा गद्दार है या फिर देशभक्त, इसका फैसला मैसुरु की पहाड़ियों पर विराजमान मां चामुंडेश्वरी और ब्रह्मागिरी पर विराजमान मां देवी कावेरी करेंगी। पिछले 20 वर्षों से मेरी लिखी किताबें पढ़ रहे कर्नाटक के मेरे प्रशंसक, पिछले साढ़े 9 बरसों से मेरा काम देख रही मैसुरु व कोडगु की जनता निर्णय लेगी। देश, धर्म और राष्ट्रवाद से संबंधित मुद्दों पर मेरे आचरण पर अप्रैल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में पड़ने वाले वोट यह तय करेंगे।'
जनता ही सुनाएगी एकमात्र फैसला: प्रताप सिम्हा
प्रताप सिम्हा से उन्हें 'गद्दार' बताने वाले पोस्टर को लेकर भी सवाल पूछा गया। इसके जवाब में उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'जनता ही एकमात्र फैसला सुनाएगी। वे तय करेंगे कि मैं देशभक्त हूं या नहीं। मैंने उनके फैसले पर सबकुछ छोड़ दिया है। मुझे इस पर कुछ और नहीं कहना।' कांग्रेस और कुछ अन्य संगठनों ने संसद की सुरक्षा में चूक की घटना के बाद सिम्हा के खिलाफ प्रदर्शन किया था। क्या पुलिस की ओर से उनका बयान दर्ज किया गया? इसे लेकर पूछे गए सवाल पर सिम्हा ने कहा कि मुझे जितना कहना था मैंने कह दिया। मुझे इस मुद्दे पर अब और कुछ नहीं कहना।'

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