इंदौर
पचास साल पहले इंदौर मेें अपार्टमेंट कल्चर नहीं आया था। तब पार्क रोड पर शहर की पहली छह और सात मंजिला हाईराइज बिल्डिंग विनय-विमल बनी थी। इतने वर्षों में अब यह बूढ़े अपार्टमेंट खतरनाक घोषित हो चुके है।
फ्लैट की गैलरियों के प्लास्टर उखड़ चुके हैै। पिलर में से सरिए झांकने लगे है और कई जगह दरारों में उगे पेड़ों की जड़ों ने बिल्डिंग को खतरनाक कर दिया है।
नगर निगम ने फ्लैटधारकों को बिल्डिंग खाली करने के नोटिस थमाए हैै। रहवासियों का कहना है कि बिल्डिंग मजबूूत है बस मरम्मत की जरुरत है। रहवासी नए सिरे से प्लाॅटों का संयुक्तिकरण कर बिल्डिंग का निर्माण करना चाहते हैै। इसके लिए नगर तथा ग्राम निवेेश विभाग में आवेदन भी दिया गया है।
विमल अपार्टमेंट में 56 फ्लैट हैै,जबकि विनय अपार्टमेंट में 36 फ्लैट हैै। इसकेे अलावा तल मंजिल पर दो दुकाने हैै। दो प्लाॅटों पर इसका निर्माण वर्ष 1974 को किया गया था। अब काफी सस्ते में यहां फ्लैट बिके थे। अब कई फ्लैट मालिक यहां से दूसरी जगह चले गए और फ्लैट किराए पर दे दिए।
इस बिल्डिंग के पाइप खराब होने के कारण रिसव भी काफी होता हैै, हालांकि फ्लैट के भीतरी हिस्से में लोगों ने मरम्मत करा रखी है, लेकिन बिल्डिंग का बाहरी हिस्सा जर्जर नजर आ रहा है।
रहवासी जयेश व्यास ने कहा कि नगर निगम के अफसरों ने सिर्फ बाहरी हिस्सा देख खतरनाक घोषित किया है, जबकि बिल्डिंग मजबूत है। हम जीएआईटीएस के विशेषज्ञों से इसकी जांच कराएंगे। विधायक महेंद्र हार्डिया को भी हमने बुलाया था। रहवासी नए सिरे से निर्माण के लिए तैयार है।

More Stories
मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सिंगरौली डकैती का 06 घंटे में पर्दाफाश
राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह ने सनातन संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कूनो फिर हुआ गुलजार, मादा चीता केजीपी 12 के परिवार में आए चार नन्हे शावक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव