लखनऊ
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भाजपा की अंदरूनी रार पर तंज कसते हुए कहा कि मानसून सत्र में इसे हावी नहीं होना चाहिए। विधानमंडल का सत्र शुरू होने से पहले उन्होंने बाढ़, अतिक्रमण, बढ़ती महंगाई और लचर कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की घेराबंदी की।
रविवार को एक्स पर जारी अपने बयान में बसपा सुप्रीमो ने कहा कि यूपी विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। जिसमें सरकार अनुपूरक बजट भी पेश करेगी। हालांकि यह सत्र भी संक्षिप्त ही होगा। भाजपा में जारी घमासान व इनकी अंदरूनी लड़ाई सदन में भी हावी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान जनता व प्रदेश के हित में कार्य हों, तो बेहतर होगा।
वहीं दूसरी ओर उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाढ़ की तबाही से प्रभावित लाखों परिवारों को सरकारी मदद की तत्काल आवश्यकता है। बाढ़ पीड़ितों के प्रति सरकार का उदासीन रवैया चिंताजनक है। उन्होंने राज्य सरकार को नसीहत दी कि अतिक्रमण के नाम पर लोगों को उजाड़ने के बजाय सरकार गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई व बिगड़ी कानून-व्यवस्था से त्रस्त लोगों के जीवन सुधार पर ध्यान दे।

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