जबलपुर
मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के कटंगी के पास पहाड़ी पर गौवंश और मृत जानवरों के अवशेष मिलने के मामले में जिला प्रशासन ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी कर दी है। गौवंश और मृत जानवरों के अवशेष मिलने के मामले में एसडीएम, एसडीओपी, सीएमओ तहसीलदार, पशु चिकित्सा अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में जांच हुई। जांच में आए अब तक के नतीजों को प्रशासन ने बिंदुवार जारी किया है।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बिंदु
1- प्राप्त अवशेष अनुसार मृत जानवरों की कुल संख्या 57 है. अवशेष डेढ़-दो माह से लेकर सवा दो वर्ष तक पुराने हैं. प्राप्त अवशेष में अधिकतम पाँच ही गौवंश के हैं
2 – तीन पसली अवशेष को देखकर यह प्रतीत होता है कि उन्हें धारदार हथियार से काटा गया है. परन्तु यह स्पष्ट नहीं होता है कि उक्त पसली गौवंश की हैं.
3 – 57 पशु स्कल के संबंध में प्रथम दृष्टया यह प्रतीत नहीं होता है कि उन्हें मारा गया है. यह साक्ष्य नहीं मिले हैं कि मौक़ा स्थल पर जानवरों को अवैध ढंग से काटा जाता रहा है
4 – यह साक्ष्य भी नहीं मिले हैं कि वहाँ मृत जानवरों को लाकर फेंका जाता रहा है. दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में पालतू एवं जंगली जानवर विचरण करते हैं. दुर्घटना या सामान्य मृत्यु होने पर शव वहीं पड़े रहते हैं, जो कालान्तर में अवशेष में परिवर्तित हो जाते हैं.
मंत्री राकेश सिंह बोले-गौवंश पर स्पष्ट कानून
गौवंश की हत्या को लेकर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि- गौवंश की रक्षा को लेकर मध्य प्रदेश सरकार संवेदनशील है। जो भी इस कानून को तोड़ने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। गौवंश को लेकर सीएम डॉ मोहन यादव ने समय-समय पर आवश्यक निर्देश दिए हैं। गौवंश की रक्षा होना चाहिए, उसको लेकर स्पष्ट कानून भी है। गौवंश पर स्पष्ट कानून है उसका पालन सभी को करना आवश्यक है। मध्य प्रदेश की सरकार भी पूरी संवेदनशीलता के साथ इस बात की चिंता कर रही है।

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