मुरादाबाद
यूपी की मुरादाबाद सीट पर समाजवादी पार्टी उम्मीदवार को लेकर कंफ्यूजन बढ़ गया है। बुधवार को इस सीट से बतौर सपा उम्मीदवार रुचि वीरा ने भी पर्चा भर दिया। जबकि पार्टी के वर्तमान सांसद एसटी हसन मंगलवार को नामांकन कर चुके थे। मुरादाबाद में मंगलवार को पूरे दिन कैंडिडेट बदले जाने की चर्चा रही। फिर बुधवार को खबर आई कि अखिलेश यादव ने रुचि वीरा को नामांकन से रोक दिया है। माना जा रहा था कि अब विवाद थम जाएगा एसटी हसन ही उम्मीदवार होंगे। लेकिन थोड़ी देर बाद ही रुचि वीरा नामांकन के लिए पहुंच गईं। उन्होंने नामांकन करने के बाद यह कहकर कंफ्यूजन बढ़ा दिया कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें ही उम्मीदवार बनाया है। उनके कहने पर ही वह पर्चा भर रही हैं।
बता दें कि मंगलवार को रुचि वीरा का नाम सामने आने के बाद मुरादाबाद में सपाइयों ने विरोध किया था। उनके पोस्टर जलाए गए। इसके बाद रुचि वीरा को नामांकन से रोक दिया गया। लेकिन बुधवार दोपहर रुचि वीरा नामांकन के लिए अचानक कचहरी परिसर पहुंच गईं। इस दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि डॉक्टर एसटी हसन हमारे बड़े भाई हैं। सपा गठबंधन से हम ही प्रत्याशी हैं। हालांकि उनके नामांकन के दौरान समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष मौजूद नहीं रहे।
एसटी हसन का टिकट कटने के बारे में पूछे जाने पर रुचि वीरा ने कहा कि मुझे इस बारे में पता नहीं है। आप यह उनसे ही पूछिए। लखनऊ मुख्यालय से उनको नामांकन से रोके जाने के सवाल पर रुचि ने कहा कि मैंने नामांकन किया है। मुझे किसी ने रोका नहीं है। पार्टी उम्मीदवार मैं ही हूं। रुचि के इस दावे और एसटी हसन समर्थकों की नाराजगी के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार आखिर है कौन? इस सवाल का जवाब अब समाजवादी पार्टी हाईकमान यानी अखिलेश यादव को ही तय करना है। फिलहाल, मुरादाबाद में उनके फैसले का बेसब्री से इंतजार हो रहा है।

More Stories
धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद गहराया
चलते हाईवे पर आग का गोला बनी बस, मची अफरा-तफरी
शराब से जुड़े विज्ञापनों पर रोक, Sanjay Dutt की ब्रांड को बड़ा झटका