इस्लामाबाद
पाकिस्तान की सेना ने चोरी-छिपे चीन से बेहद शक्तिशाली जासूसी जहाज खरीदा है। पाकिस्तापन के इस पहले जासूसी जहाज को चीन की फूजियान मवेई शिपबिल्डिंग लिमिटेड ने बनाया है। यह जहाज 87 मीटर लंबा है और 19 मीटर चौड़ा है। इस जहाज को 48 नाविक चलाते हैं। माना जा रहा है कि इस जहाज के संचालन में चीनी सेना भी पाकिस्तानी नौसेना की मदद कर रही है। इस जहाज का नाम पीएनएस रिजवान रखा गया है और इसे भारत के ध्रुव स्पाई शिप का जवाब माना जा रहा है। इस जासूसी जहाज के अंदर बने रहस्यमय गुंबद के अंदर ट्रैकिंग सिस्टम और रेडॉर लगाए गए हैं जिसे चीनी वैज्ञानिकों ने असेंबल किया है।
बताया जा रहा है कि जून 2023 में पीएनएस रिजवान को पाकिस्तान को चीन ने सौंपा था और यह कराची के नेवल यार्ड पहुंचा था। यह जहाज इंडोनेशिया के पास से होकर पाकिस्तान पहुंचा था। दुनिया में केवल 14 ऐसे देश हैं जिनके पास इस तरह का जासूसी जहाज है। इस जासूसी जहाज को अब पाकिस्तानी नेवी के कैप्टन अशफाक अली इस जहाज को संचालित कर रहे हैं। हाल के दिनों में चीन के जासूसी जहाजों ने भारत की नाक में दम कर रखा है। चीन के जासूसी जहाज जब भारत मिसाइल का परीक्षण करने लगता है तो हिंद महासागर में आ जाते हैं।
पाकिस्तान ने आईएमएफ को दिया धोखा!
यही नहीं भारत के विरोध के बाद भी मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने चीनी जासूसी जहाज को रुकने की अनुमति दी थी। इससे भारत को कई बार अपने मिसाइल परीक्षण को टालना पड़ा है। चीन के ये जासूसी जहाज हिंद महासागर में परमाणु पनडुब्बियों के लिए रास्ता भी तलाश रहे हैं ताकि वे सुरक्षित तरीके से आ जा सकें। इसके अलावा भारत के विशाखापत्तनम नौसैनिक अड्डे पर भी चीन की नजर है जहां से भारत सबमरीन तैनात करता है। यह पाकिस्तानी जासूसी जहाज जब चीन से पाकिस्तान जा रहा था, तब उसकी भारत ने लगातार निगरानी की थी। ये जहाज जासूसी के अलावा मिसाइल परीक्षण की निगरानी करने में सक्षम होते हैं।
इससे पहले भारत ने आईएनएस ध्रुव बनाया था जिसमें 24 अरब डॉलर का खर्च आया था। पाकिस्तान ने चीन से यह शक्तिशाली जहाज ऐसे समय पर खरीदा है जब वह खुद कंगाली के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान ने आईएमएफ और अन्य देशों से मिले कर्ज के पैसे से इस अरबों रुपये के जहाज को खरीदा है। इससे पहले पाकिस्तान को आईएमएफ ने अपने लोन का नया पैकेज दिया था। पाकिस्तान की सरकार एक तरफ इतने महंगे हथियार खरीद रही है, वहीं खुद वहां की जनता आटे के लिए तरस रही है और कई शहरों में मारपीट की घटनाएं हुई हैं।

More Stories
Iran का 30 दिन का शांति प्रस्ताव—सुलह या नई चाल?
United States का Beijing पर दबाव, टैरिफ पर सख्त रुख
Subrahmanyam Jaishankar का फोकस: आर्थिक रिश्तों को नई रफ्तार