नई दिल्ली
लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने चुनावी प्रचार-प्रसार अभियान शुरू कर दिया है। पांचों लोकसभा सीटों में से अब एक ऐसी संसदीय सीट भी है जिसमें कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है। गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस के इकलौते विधायक राजेंद्र भंडारी ने रविवार को पार्टी को अलविदा कह दिया। वर्तमान में भंडारी, कांग्रेस के पहले विधायक हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान पालाबदला है। आम चुनाव से ऐन पहले भंडारी का भाजपा में जाना, सियासी तौर पर कांग्रेस को बड़ा झटका है।
बीते विधानसभा चुनाव में बदरीनाथ सीट पर राजेंद्र भंडारी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को हराकर विधायक बने थे। चौदह विधानसभा क्षेत्र समेटने वाली गढ़वाल लोकसभा सीट में भंडारी कांग्रेस के एक मात्र विधायक थे।
भंडारी की कांग्रेस छोड़ने की चर्चा कई दिन से चल रही थी। बीते दिनों सोशल मीडिया पर ‘परिवर्तन’ को लेकर उनकी पोस्ट से हलचल मच गई थी। पोस्ट में उन्होंने ‘परिवर्तन’ को मुश्किल पर अपरिहार्य करार दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने पोस्ट से पल्ला झाड़ते हुए, अपनी वॉल से उसे हटा भी दिया था। इसके बाद वो लगातार पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल हो रहे थे,लेकिन रविवार को कांग्रेस से इस्तीफा देकर उन्होंने अटकलों पर मुहर लगा दी।
उनके जाने के बाद गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस का अब एक भी विधायक नहीं है। विधानसभा में भी कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटकर 18 रह गई है। भंडारी तीसरी बार के विधायक थे। उनकी पत्नी रजनी दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष बनी हैं।

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