नई दिल्ली
सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग पर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार की कैबिनेट बैठक में इससे जुड़े तीन प्रोजेक्ट्स मंजूर किए गए हैं। इसके साथ भारत में 1.26 लाख करोड़ के निवेश के साथ सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन स्थापित होगी। इसमें टाटा की कंपनी का प्रोजेक्ट भी शामिल है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने गुरुवार को टाटा की सेमीकंडक्टर चिप निर्माण इकाई को लगभग 50,000 करोड़ रुपये की लागत के प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी दे दी है। वैष्णव ने कहा कि भारत को सेमीकंडक्टर में बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है। देश की अलग-अलग सरकारों ने प्रयास किए लेकिन यह कारगर नहीं हो सका। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में यह संभव हो सका है। पहला कमर्शियल फैब असम के धोलेरा में होगा। यह पूर्वोत्तर को अपनी पहली सेमीकंडक्टर यूनिट है। वहीं, यह देश का तीसरा बड़ा यूनिट होगा। बता दें कि टाटा और ताइवान की कंपनी पावरचिप मिलकर चिप मैन्युफैक्चरिंग का काम करेंगे।

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