November 8, 2026

संतान सुख की कामना लेकर यहां आते हैं दंपती, मन्नत पूरी होने पर कराते हैं मुंडन

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में मां दुर्गा का एक ऐसा मंदिर है, जहां संतान की इच्छा लेकर दूर-दूर से दंपती पहुंचते हैं. स्थानीय मान्यता के अनुसार, मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है. नवरात्र के दौरान यहां 251 फल चढ़ाने की विशेष परंपरा है. जानिए इस मंदिर की मान्यता और इससे जुड़ी अनोखी परंपराएं.

गोंडा के कोल्हमपुर मां दुर्गा मंदिर में संतान की इच्छा रखने वाले दंपती दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं. श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं.

मंदिर के महंत दीनदयाल वैश्य के अनुसार, यहां आने वाले श्रद्धालुओं के बीच मान्यता है कि मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है. इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचते हैं.
नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होती है. इस दौरान मां दुर्गा के चरणों में 251 फल अर्पित किए जाते हैं. बाद में इन फलों को श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में बांटा जाता है.

संतान की इच्छा रखने वाले दंपती मंदिर में पूजा करने के साथ मां के चरणों में चढ़ाए गए फल का प्रसाद ग्रहण करते हैं. श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इससे उनकी मनोकामना पूरी होती है.

जिन परिवारों की मनोकामना पूरी होती है, वे दोबारा मां के दरबार में पहुंचते हैं. यहां बच्चों का मुंडन संस्कार कराया जाता है और पूजा-अर्चना के साथ कथा सुनने की परंपरा भी निभाई जाती है.

नवरात्र के दौरान कोल्हमपुर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. महंत के अनुसार, इस दौरान देश-विदेश से भी श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचते हैं.