रांची। झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री एवं जामताड़ा से कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी अपने कथित विवादित और भड़काऊ बयान के चलते राजनीतिक घेरे में आ गए हैं। देश के वर्तमान हालातों की तुलना पड़ोसी देशों से करने के आरोपों के बीच अब मंत्री ने ऐसे किसी भी प्रकार के बयान देने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है। दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इस बयान पर कड़ा रुख अपनाते हुए राजधानी रांची के अरगोड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और मंत्री के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। इस गरमागरम मुद्दे पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न जिलों में सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन भी किया है।
विवादित टिप्पणी से मंत्री का इनकार और भाजपा का पलटवार
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मीडिया के सामने आकर अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि उन्होंने देश के हालातों को बांग्लादेश या नेपाल जैसा बताने वाला कोई भी बयान नहीं दिया है। उन्होंने इस पूरी कंट्रोवर्सी को भाजपा की एक चाल बताया। हालांकि, इससे पहले सामने आए एक वीडियो में मंत्री को यह कहते हुए सुना गया था कि देश तबाही और बर्बादी की कगार पर आ खड़ा हुआ है। उस वायरल वीडियो में उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय रहते स्थितियों को गंभीरता से नहीं संभाला, तो देश में आपातकाल जैसे हालात उत्पन्न हो सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने चुनावी व्यवस्था, मुख्य चुनाव आयुक्त तथा देश के युवाओं को लेकर भी कई टिप्पणियां की थीं, जिन पर अब सियासी घमासान छिड़ गया है।
अरगोड़ा थाने में लिखित शिकायत और गंभीर आरोप
मंत्री के इस कथित बयान को देश की सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ बताते हुए भाजपा ने कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने रांची के अरगोड़ा थाने में औपचारिक रूप से लिखित शिकायत सौंपी और इरफान अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। दर्ज कराई गई शिकायत में मुख्य रूप से यह आरोप लगाया गया है कि मंत्री ने अपने हालिया वीडियो के माध्यम से देश के लाखों युवाओं को उकसाने और सड़कों पर उतारने की बात कही है, जो सीधे तौर पर सुरक्षा बलों और देश की व्यवस्था को चुनौती देने जैसा है। भाजपा नेताओं का दावा है कि यह बयान कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर दिया गया है, जो देश की एकता और अखंडता के लिए एक बड़ा खतरा है।
झारखंड राज्यभर में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
भारतीय जनता पार्टी ने मंत्री के इस बयान को देश के भीतर अराजकता, हिंसा और अशांति फैलाने की एक गहरी साजिश करार देते हुए पूरे झारखंड में जोरदार विरोध प्रदर्शन किए हैं। राज्य के अलग-अलग जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतले फूंके और अपना तीव्र रोष व्यक्त किया। राजधानी रांची में आयोजित एक प्रमुख प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन इस मामले में मंत्री के खिलाफ त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं करता है, तो भाजपा राज्यभर में उग्र जन-आंदोलन शुरू करेगी। बहरहाल, मंत्री के अपने बयानों से पलटने और भाजपा की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद झारखंड की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर पूरी तरह से चरम पर पहुंच गया है।

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