झुंझुनू। राजस्थान के झुंझुनू जिले की बुरड़क की ढाणी कालियासर के रहने वाले शहीद के बेटे कुणाल चौधरी ने नीट यूजी परीक्षा पास कर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिला हासिल किया है। कुणाल के बड़े भाई निखिल चौधरी भी इसी प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। पिता नायक सूबेदार देवकरण की शहादत के बाद दोनों भाइयों ने चिकित्सा क्षेत्र को चुनकर अपने पिता के सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया है। कुणाल का मानना है कि डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना ही उनके पिता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सियाचिन ग्लेशियर में शहीद हुए थे पिता
नायक सूबेदार देवकरण चौधरी भारतीय सेना की 25 जाट रेजिमेंट में तैनात थे। लेह-लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर में ड्यूटी के दौरान 13 फरवरी, 2023 को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 19 फरवरी को उनका निधन हो गया। पिता के असमय चले जाने के बाद मां अंजू चौधरी ने कठिन समय में धैर्य बनाए रखते हुए दोनों बेटों की हिम्मत बढ़ाई और उनका मार्गदर्शन किया।
कोटा से तैयारी कर हासिल किया मुकाम
पिता के निधन के बाद बड़े भाई निखिल ने कुणाल को डॉक्टर बनने की राह दिखाई। 12वीं के साथ पहले प्रयास में 300 अंक पाने के बाद, कुणाल ने एक साल का ड्रॉप लेकर कोटा के निजी कोचिंग संस्थान से तैयारी की। वहां उन्हें 'शौर्य वंदन योजना' के तहत 90 प्रतिशत शुल्क छूट मिली। कुणाल ने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर नीट यूजी में 486 अंक और 1,08,920 रैंक हासिल कर देश के शीर्ष मेडिकल कॉलेज में अपना स्थान पक्का किया।
एक ही कॉलेज में पढ़ाई करेंगे दोनों भाई
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में पहले से पढ़ रहे बड़े भाई की प्रेरणा से कुणाल ने भी इसी संस्थान को चुना। अब दोनों भाई एक ही कॉलेज से डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करेंगे। कुणाल की इस शानदार सफलता से पूरे गांव और जिले में खुशी की लहर है। मां अंजू चौधरी ने अपने बेटों की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस किया है।

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