धनतेरस और दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले सोने एवं चांदी की कीमतों में आई हालिया नरमी ने भारतीय सर्राफा और आभूषण बाजार में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। नवंबर के शुरुआती सप्ताह में धनतेरस का पर्व पड़ने से वेतनभोगियों के पास तरलता उपलब्ध रहेगी, जिससे खरीदारी का रुझान काफी मजबूत होने का अनुमान जताया जा रहा है। यद्यपि पिछले छह महीनों के उच्चतम स्तर से भाव में आई गिरावट के बावजूद कुल बिक्री की मात्रा यानी वॉल्यूम पिछले साल के स्तर के आसपास ही रहने की संभावना है, लेकिन आधार मूल्य अधिक होने के कारण मूल्य यानी वैल्यू के संदर्भ में आभूषण कारोबार में 20 से 30 प्रतिशत तक की मजबूत बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
सोने-चांदी की दरों में आया बड़ा उतार-चढ़ाव
बीते कुछ महीनों की तुलना में सोने की कीमतों में लगभग 12 प्रतिशत तक का संशोधन दर्ज किया गया है। मई के अंत में सोना 1,62,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, जो अक्टूबर के अंतिम दिनों तक 20,900 रुपये टूटकर 1,42,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया था। हालांकि, त्योहारी मांग की बदौलत घरेलू बाजार में रिकवरी देखी गई और सोना बढ़कर 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता नजर आया। तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो बीते वर्ष इसी अवधि के दौरान सोने का भाव लगभग 1.10 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ था।
त्योहारी सीजन में बदलता खरीदारी का पैटर्न
विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) के अनुसार, कीमतों में आई इस बड़ी राहत ने आभूषणों की मांग को दोबारा गति दी है। आगामी शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए परिवार इस अनुकूल मूल्य स्तर का लाभ उठाकर अग्रिम खरीदारी कर रहे हैं, जिससे भारी आभूषणों से लेकर निवेश योग्य सोने के सिक्कों की मांग में तेजी आई है। इसके साथ ही, महंगे भावों के कारण शादियों की खरीदारी में अब 18-कैरेट सोने और हलके वजन वाले (लाइटवेट) आभूषणों को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्य विवाह समारोह के लिए सोना और अन्य रस्मों के लिए चांदी के आभूषणों व बर्तनों की खरीदारी का नया ट्रेंड उभरा है। इसके अलावा, मध्यम बजट के प्राकृतिक तथा लैब-ग्रोन डायमंड्स की मांग में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
उद्योग जगत और प्रमुख आभूषण विक्रेताओं का अनुमान
सराफा संगठनों और उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक, भले ही बिक्री की कुल मात्रा बीते वर्ष के बराबर रहे, लेकिन मूल्य के आधार पर कुल कारोबार में 15 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि होना तय माना जा रहा है। प्रमुख आभूषण कंपनियों और उद्योगपतियों ने डायमंड सेगमेंट में 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि का विश्वास व्यक्त किया है। दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट के बाद इस बार इसके बिक्री वॉल्यूम में 10 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी की मजबूत उम्मीद जताई जा रही है।
वैश्विक और आर्थिक परिस्थितियों का बाजार पर प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति जैसे कारक उपभोक्ता भावना को आंशिक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, बाजार जानकारों का मानना है कि भारत में सोने और चांदी की खरीदारी मुख्य रूप से व्यक्तिगत बचत से की जाती है, इसलिए महंगाई का असर इस त्योहारी खरीदारी पर काफी सीमित रहेगा। इसके अलावा खुदरा विक्रेताओं ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न मेकिंग चार्ज छूट और आकर्षक योजनाओं की पेशकश भी शुरू कर दी है, जिससे पूरे देश के सराफा बाजारों में खरीदारी की रौनक बनी हुई है।

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