नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के लिए राष्ट्रीय टीम में एक बार फिर से वापसी करना बेहद कठिन हो सकता है। पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया टी20 श्रृंखला में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब भुवनेश्वर के लिए टीम इंडिया के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं। इसके साथ ही, अश्विन ने घरेलू क्रिकेट में शानदार वापसी की तैयारी कर रहे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की राष्ट्रीय टीम में दावेदारी की पुरजोर वकालत की है।
आईपीएल की चमक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं दोहरा सके भुवनेश्वर
लगभग चार साल लंबे अंतराल के बाद भारतीय टी20 टीम में वापसी करने वाले भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया था। उन्होंने आईपीएल मुकाबलों में शानदार गेंदबाजी करते हुए 28 विकेट झटके थे। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई चार मैचों की टी20 श्रृंखला में उनका प्रदर्शन बेहद फीका रहा। 36 वर्षीय इस अनुभवी गेंदबाज को पूरी श्रृंखला के दौरान मात्र एक ही सफलता मिल सकी और उन्होंने करीब 11.50 की महंगी इकोनॉमी रेट से रन लुटाए।
अश्विन ने उठाए गेंदबाजी की गति और तैयारी पर गंभीर सवाल
रविचंद्रन अश्विन ने अपने एक विश्लेषण के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि भुवनेश्वर कुमार अपनी फॉर्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बरकरार रखने में पूरी तरह विफल रहे। उन्होंने कहा कि आईपीएल के प्रदर्शन और न्यूजीलैंड श्रृंखला के प्रदर्शन में जमीन-आसमान का अंतर साफ तौर पर दिखाई दिया। अश्विन के अनुसार, निराशाजनक बात केवल अधिक रन पड़ना नहीं थी, बल्कि उनका धीमा रनअप और गेंदबाजी में वह पुरानी धार तथा गति का गायब होना था। उन्होंने माना कि युवा खिलाड़ियों को तो चयन प्रक्रिया में कई मौके मिल जाते हैं, परंतु एक वरिष्ठ और अनुभवी खिलाड़ी से जब वापसी की उम्मीद की जाती है, तो उसे अपनी सर्वश्रेष्ठ लय और फिटनेस के साथ मैदान पर उतरना होता है।
मोहम्मद शमी की लय को बताया बेहतर और भविष्य की चुनौतियां
अपने बयानों में अश्विन ने मोहम्मद शमी की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का जोरदार समर्थन किया। शमी पिछले डेढ़ वर्ष से अधिक समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं, परंतु घरेलू क्रिकेट यानी रणजी ट्रॉफी में बंगाल की तरफ से खेलते हुए वह अपनी पुरानी और घातक लय में नजर आ रहे हैं। अश्विन का मानना है कि मौजूदा फॉर्म और गेंदबाजी एक्शन को देखा जाए तो शमी की लय भुवनेश्वर से कहीं अधिक मजबूत और प्रभावी दिखाई देती है। आगामी दिसंबर माह में भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ घरेलू मैदान पर टी20 श्रृंखला खेलनी है, जिसके चलते चयनकर्ताओं के सामने तेज गेंदबाजी आक्रमण को अंतिम रूप देने की बड़ी चुनौती होगी।

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