रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में चक्रवात ‘अर्नब’ की तबाही के बाद अब एक और खतरनाक समुद्री तूफान ‘मुरासु’ के प्रवेश करने की प्रबल संभावना बन गई है, जिससे राज्य भर में भारी बारिश और झंझावात चलने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) अब बेहद खतरनाक रूप धारण कर चुका है और एक भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ में परिवर्तित होकर आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की ओर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह चक्रवात बहुत जल्द आंध्र प्रदेश के समुद्री तट को पार करते हुए पड़ोसी राज्यों को अपनी चपेट में लेगा।
छत्तीसगढ़ के 9 जिलों में यलो अलर्ट और भारी बारिश की चेतावनी
चक्रवात के आसन्न खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आज कांकेर और धमतरी समेत राज्य के कुल 9 प्रमुख जिलों में मौसम विभाग द्वारा यलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम एजेंसी (आईएमडी) ने आगामी 2 से 4 नवंबर तक विभिन्न जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं। विशेष तौर पर 3 और 4 नवंबर को बस्तर संभाग के अनेक इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर बादलों की गड़गड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है।
तटीय राज्यों में दिखेगा असर और हवाओं का प्रचंड वेग
अंधड़ और तूफान के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना है, जो कि झोंकों के साथ बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। इस चक्रवात के तट से टकराने से पूर्व ही इसका व्यापक प्रभाव देश के कई राज्यों के मौसम पर दिखाई देने लगा है। मुरासु के असर के चलते तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना क्षेत्रों में भी मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है।
किसानों की बढ़ी मुश्किलें और फसलों को लेकर चिंता
एक के बाद एक आ रहे इन चक्रवाती तूफानों ने छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं की नींद उड़ा दी है। राज्य के किसान अभी पिछले तूफान ‘अर्नब’ द्वारा मचाई गई बर्बादी और नुकसान के सदमे से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि अब ‘मुरासु’ की आहट ने उन्हें गहरी चिंता में डाल दिया है। इस बेमौसम और लगातार हो रही बारिश से खेतों में पककर तैयार खड़ी तथा कटाई के बाद खुले में पड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालांकि, किसानों की इस दयनीय स्थिति को देखते हुए हाल ही में राज्य सरकार द्वारा उचित मुआवजे का ऐलान भी किया गया है।

More Stories
CBI की कार्रवाई तेज, महादेव सट्टेबाजी केस के आरोपी सौरभ चंद्राकर को आज रायपुर लाया जाएगा
खनन क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाली 50 खदानें सम्मानित, कार्यक्रम में मंत्री सतीश शामिल
छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए खुशखबरी, महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त आज होगी जारी