भोपाल। चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव से मध्य प्रदेश के विभिन्न संभागों में हुई मानसूनी बारिश के बाद अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है, जिसके चलते भोपाल, रीवा, सागर, जबलपुर तथा शहडोल संभाग के जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन और तापमान में आई भारी गिरावट के कारण नवंबर माह के शुरुआती सप्ताह में ही लोगों को ठंड का अहसास होने लगा है और उन्होंने जैकेट व स्वेटर पहनने शुरू कर दिए हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने एक और नए चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के तेजी से मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने की चेतावनी जारी कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में ठंड और वर्षा का दौर और अधिक तीव्र होने की संभावना है।
चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का प्रभाव और मौसम विभाग का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए 'मुरासु' नामक चक्रवाती तूफान ने एक गंभीर रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, यह चक्रवाती तूफान सोमवार को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है, जिसकी अनुमानित रफ्तार लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटा आंकी गई है। इसके पश्चात यह प्रणाली तेलंगाना और महाराष्ट्र से होते हुए मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगी। इस मौसमी हलचल के प्रभाव से राज्य के पूर्वी हिस्सों में तेज हवाओं के साथ वर्षा होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने रीवा, जबलपुर और शहडोल संभाग के कई जिलों के लिए बारिश का 'यलो अलर्ट' भी जारी किया है, जिससे प्रशासन और आम जनता दोनों को सतर्क कर दिया गया है।
घने कोहरे की चादर और विजिबिलिटी में भारी गिरावट
राज्य में ठंड का असर अब मैदानी इलाकों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। मऊगंज, टीकमगढ़ और विदिशा जैसे जिलों में सुबह के समय घने कोहरे की सफेद चादर छाई रही, जिसके कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) का स्तर काफी नीचे आ गया। सुबह के वक्त छाए इस कोहरे के कारण सड़क पर चलने वाले राहगीरों तथा वाहन चालकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिससे यातायात की गति भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुई।
विभिन्न जिलों में वर्षा की चेतावनी और न्यूनतम तापमान का हाल
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना बनी हुई है, जबकि प्रदेश के शेष हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। तापमान की बात करें तो मध्य प्रदेश में दमोह जिला इस समय सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया है, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 14.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा अमरकंटक में 15.1 डिग्री, राजधानी भोपाल में 15.2 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 15.4 डिग्री और बालाघाट के मलाजखंड में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जिससे पूरे प्रदेश में सिहरन बढ़ गई है।

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