कोटा। राजस्थान स्थित प्रसिद्ध मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में पहली बार एक साथ तीन युवा बाघिनों की नर बाघों के साथ लगातार नजदीकी और सकारात्मक तालमेल देखा जा रहा है। बाघिन एमटी-7, एमटी-8 और एमटी-10 का नर बाघों के साथ लंबे समय से जारी यह नजदीकी मूवमेंट रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ने की दिशा में एक बहुत बड़ा और मजबूत संकेत माना जा रहा है। एनक्लोजर से लेकर खुले वन क्षेत्र तक बाघों की इस बढ़ती सक्रियता से वन विभाग का प्रशासन काफी उत्साहित है और जल्द ही नन्हे शावकों के आगमन की प्रबल उम्मीद जता रहा है। इस संभावित खुशखबरी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने पूरे रिजर्व क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रख दिया है।
सुरक्षित एनक्लोजर में बाघ-बाघिनों का बढ़ता मेलजोल
रिजर्व के 82 वर्ग किलोमीटर के विशाल दायरे में फैले बड़े एनक्लोजर में वन्यजीव अत्यंत तनावमुक्त वातावरण में विचरण कर रहे हैं। लगभग 3.6 वर्ष की बाघिन एमटी-7 को 7 मार्च के दिन अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से यहां स्थानांतरित किया गया था। यह बाघिन पिछले करीब एक वर्ष से चार वर्षीय नर बाघ एमटी-9 के साथ इसी एनक्लोजर में निवास कर रही है, जिसे 9 जनवरी को मुकंदरा लाया गया था। इसी सुरक्षित घेरे में 19 जून 2025 को लाई गई करीब 2.10 वर्ष की बाघिन एमटी-8 (कनकटी) तथा 27 फरवरी को आई 3.9 वर्ष की बाघिन एमटी-10 भी लंबे समय से इनके साथ घूम रही हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों और वन अधिकारियों के अनुसार बिना किसी क्षेत्रीय संघर्ष के महीनों तक एक ही इलाके में शांतिपूर्वक साथ रहना प्राकृतिक ब्रीडिंग का सबसे सटीक और सकारात्मक संकेत माना जाता है, जिससे आगामी एक से दो महीनों के भीतर इस एनक्लोजर से खुशखबरी मिलने की पूरी संभावना है।
खुले वन क्षेत्र में वरिष्ठ बाघ और बाघिन की सक्रियता
एनक्लोजर के साथ-साथ मुकंदरा के खुले प्राकृतिक वन क्षेत्र में भी बाघों की गतिविधियां अत्यंत उत्साहजनक परिणाम की ओर इशारा कर रही हैं। खुले जंगल में 9 अगस्त 2023 को लाई गई 4.5 वर्ष की बाघिन एमटी-6 अपने करीब डेढ़ वर्ष के नर शावक के साथ स्वतंत्र रूप से विचरण कर रही है, जिसका जन्म 15 जून 2025 को हुआ था। इसी विस्तृत मैदानी व वनीय भूभाग में 3 दिसंबर 2024 को लाया गया 10.2 वर्ष का सबसे वरिष्ठ बाघ एमटी-5 भी लगातार सक्रिय बना हुआ है। खुले जंगल में एमटी-6 और एमटी-5 का बारंबार आमना-सामना और एक साथ मूवमेंट देखा जा रहा है। वन अधिकारियों को पूर्ण विश्वास है कि एनक्लोजर के साथ-साथ खुले जंगल से भी जल्द ही शावकों के जन्म के सुखद समाचार प्राप्त होंगे।
चौबीसों घंटे सघन निगरानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बाघों के बढ़ते कुनबे की संभावनाओं को देखते हुए रिजर्व प्रशासन ने अपने सुरक्षा तंत्र और सर्विलांस को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया है। मैदानी कर्मचारियों एवं वनकर्मियों को 24 घंटे निरंतर मॉनिटरिंग और पैट्रोलिंग करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा और शांति में कोई व्यवधान न उत्पन्न हो। मुकंदरा के 82 वर्ग किलोमीटर के एनक्लोजर और खुले जंगल दोनों ही क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में प्राकृतिक शिकार और पानी के स्रोत उपलब्ध हैं। यह अनुकूल वातावरण बाघ-बाघिनों के बीच प्राकृतिक संबंध और तालमेल को अधिक मजबूत बना रहा है, जिससे शीघ्र ही मुकंदरा की वादियों में नन्हे शावकों की दहाड़ गूंजने की उम्मीद है।

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