November 1, 2026

ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई पर चर्चा? ट्रंप-नेतन्याहू की बातचीत से बढ़ी हलचल

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ टेलीफोन पर वार्ता की है। दोनों शीर्ष नेताओं के मध्य यह महत्वपूर्ण बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका ईरान के विरुद्ध नए सिरे से सैन्य कार्रवाई की विविध संभावनाओं का रणनीतिक मूल्यांकन कर रहा है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, इस दूरभाषीय वार्ता से पूर्व व्हाइट हाउस में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप ने शीर्ष सैन्य कमांडरों के साथ ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान पुनः प्रारंभ करने के संभावित विकल्पों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया था। यद्यपि इस बातचीत में किन विशिष्ट बिंदुओं पर अंतिम निर्णय लिया गया, इसका आधिकारिक ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कूटनीतिक वार्ता की निरंतरता और अमेरिका का आधिकारिक रुख

अमेरिका और ईरान के मध्य बने अत्यधिक तनावपूर्ण माहौल के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कूटनीतिक मोर्चे पर जारी प्रयासों की पुष्टि की है। जॉर्जिया में आयोजित जी-20 विदेश मंत्रियों के सम्मेलन के समापन अवसर पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ कूटनीतिक संवाद की प्रक्रिया निरंतर जारी है और इसमें कोई रुकावट नहीं आई है। रुबियो ने बताया कि कई स्तरों पर प्रत्यक्ष एवं मध्यस्थों के माध्यम से वार्ता का क्रम बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने कूटनीतिक वार्ताओं की समयसीमा या उसमें हुई प्रगति पर कोई टिप्पणी करने से इंकार करते हुए यह भी रेखांकित किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर आगामी सैन्य कदम को लेकर फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

अमेरिकी सुरक्षा हित और क्षेत्रीय संकट के मूल कारण

अमेरिकी विदेश मंत्री ने वार्ता के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया कि वाशिंगटन एक ऐसे कूटनीतिक समाधान का पूर्ण समर्थन करता है, जो उसकी मूलभूत राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का पूर्णतः समाधान कर सके। उन्होंने ईरान पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में वाणिज्यिक पोतों को निशाना बनाने तथा मध्य पूर्व में अस्थिरता उत्पन्न करने वाले सशस्त्र समूहों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए। रुबियो ने स्पष्ट किया कि किसी भी भावी समझौते में ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और क्षेत्रीय उग्रवादी समूहों को मिलने वाले समर्थन जैसे संवेदनशील मुद्दों का ठोस हल निकलना अनिवार्य है।

सैन्य क्षमता पर भरोसा और शांतिपूर्ण समाधान की प्राथमिकता

मार्को रुबियो ने संभावित सैन्य अभियानों की रणनीतिक योजनाओं पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि अमेरिकी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में शांतिपूर्ण एवं कूटनीतिक मार्ग का ही पक्षधर है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपनी रक्षात्मक और आक्रामक सैन्य क्षमताओं को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है तथा आवश्यकता पड़ने पर अपने सामरिक उद्देश्यों को प्राप्त करने में पूरी तरह सक्षम है। फिलहाल अमेरिका संभावित सैन्य विकल्पों को तैयार रखते हुए कूटनीतिक वार्ताओं के नतीजों पर नजर बनाए हुए है।