इंदौर। इंदौर से धार के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद अब और मजबूत हो गई है। इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट के तहत टीही के समीप तैयार की गई 2,957 मीटर लंबी सुरंग में पटरी बिछाने के बाद टॉवर वेगन और भारी पैकिंग मशीन को सफलतापूर्वक गुजारा गया। इसके बाद अब टीही से धार के लगभग 47 किलोमीटर लंबे रेल खंड का रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा निरीक्षण किया जाना प्रस्तावित है, जिसके बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही का मार्ग प्रशस्त होगा।
सुरक्षा जांच और तकनीकी तैयारियां तेज
प्रस्तावित निरीक्षण के दौरान टीही, पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार रेलवे स्टेशनों के साथ-साथ पूरे रेल ढांचे की बारीकी से जांच की जाएगी। इस प्रक्रिया में पटरियों की मजबूती, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण और सिग्नल व्यवस्था को परखा जाएगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सुरंग के भीतर बैलास्टलेस ट्रैक बिछाने का काम संपन्न हो चुका है और सिग्नलिंग का कार्य भी अपने अंतिम दौर में है। टॉवर वेगन का सुरंग से गुजरना निर्माण कार्य की बेहतर प्रगति को दर्शाता है।
दिसंबर तक ट्रेन संचालन की संभावना
इस रेलखंड के पूरी तरह शुरू हो जाने से धार जिला सीधे इंदौर से रेल कनेक्टिविटी से जुड़ जाएगा। यदि सुरक्षा आयुक्त का निरीक्षण तय मानकों के अनुरूप रहता है और हरी झंडी मिल जाती है, तो इस नए रूट पर ट्रेनों की शुरुआत जल्द ही कर दी जाएगी। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो दिसंबर तक इंदौर से धार के बीच पहली ट्रेन दौड़ सकती है, हालांकि नियमित यात्री सेवाओं की आधिकारिक तारीख सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद ही तय होगी।

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