October 28, 2026

त्योहारी सीजन में सोने-चांदी के बाजार में सुस्ती, जौहरी बाजार क्यों पड़ा ठंडा?

जयपुर। त्योहारी सीजन में आम तौर पर सोने-चांदी की मांग में तेजी देखी जाती है, लेकिन इस बार जयपुर के प्रसिद्ध जौहरी बाजार में वैसी रौनक देखने को नहीं मिल रही है। कीमतों में हालिया गिरावट के बाद भी बाजार में ग्राहकों की आवाजाही सुस्त बनी हुई है, जिससे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।

शहर का विस्तार और नए शोरूम बने कारण

सराफा कारोबारियों का मानना है कि मंदी की सिर्फ एक वजह कीमतों का उतार-चढ़ाव नहीं है। जयपुर शहर के तेजी से विस्तार के कारण बाहरी इलाकों और नए क्षेत्रों में आधुनिक ज्वेलरी शोरूम और ब्रांडेड दुकानें खुल गई हैं। इससे ग्राहकों को अब खरीदारी के लिए पारंपरिक जौहरी बाजार आने की आवश्यकता नहीं पड़ती, और वे अपने घर के पास ही आभूषण खरीद रहे हैं।

भावों में अस्थिरता से असमंजस में ग्राहक

कारोबारी अश्विनी तिवाड़ी के अनुसार, पिछले एक वर्ष के दौरान सोने और चांदी के दामों में भारी फेरबदल देखने को मिला है। कीमतों के लगातार ऊपर-नीचे होने के कारण ग्राहकों में असमंजस की स्थिति बनी रहती है। जब तक भाव स्थिर नहीं होते, तब तक खरीदार खरीदारी करने से बचते हैं और अपने फैसले टाल देते हैं।

रिकॉर्ड स्तर से नीचे आए भाव

इस साल जनवरी के आखिरी सप्ताह में सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थीं, जहाँ 24 कैरेट सोना लगभग 1.79 लाख रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी करीब 4.11 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक दर्ज की गई थी। इसके बाद से कीमतों में नरमी आई है। वर्तमान में जयपुर सराफा बाजार में 24 कैरेट सोना करीब 1.43 लाख से 1.45 लाख रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी करीब 2 लाख से 2.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में चल रही है।

क्रय शक्ति पर दबाव और बदलती आदतें

दामों में भारी कमी आने के बावजूद बाजार में वैसी तेजी नहीं लौटी है। कारोबारियों का कहना है कि लोगों की परचेजिंग पावर (खरीदने की क्षमता) पर भी दबाव है। इसके अलावा, ग्राहकों के पास स्थानीय विकल्प उपलब्ध होने और बजट सीमित होने के कारण बड़े आभूषणों की बिक्री प्रभावित हो रही है, जिससे पारंपरिक बाजारों की चमक फीकी पड़ रही है।