October 27, 2026

शराब कांड के बाद एक्शन मोड में सरकार, सागर के SP-कलेक्टर हटाए; देवास में भी कार्रवाई

भोपाल। मध्यप्रदेश में हाल के दिनों में सामने आए अवैध और जहरीली शराब कांड के कारण हुई मौतों के गंभीर मामलों के बीच राज्य सरकार ने प्रशासनिक और पुलिस तंत्र में बड़ा फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी प्रशासनिक और आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेशों के तहत सागर और देवास जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और जिला कलेक्टरों को हटा दिया गया है। सागर जिले में शराब कांड के 51 दिनों के अंतराल के बाद हुई इस कार्रवाई के तहत पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) बनाया गया है, जबकि ग्वालियर स्थित 24वीं वाहिनी के कमांडेंट संजीव कुमार सिन्हा को सागर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल के स्थान पर दिलीप कुमार यादव को सागर के नए कलेक्टर की कमान सौंपी गई है।

देवास जिले में पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर का तबादला

सागर की तर्ज पर देवास जिले में भी प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। देवास के पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत को पद से हटाते हुए पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है, जबकि बालाघाट के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा को स्थानांतरित कर देवास जिले के नए पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही प्रशासनिक संतुलन बनाते हुए देवास कलेक्टर ऋतुराज की जगह नेहा मीना को देवास जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। राज्य गृह एवं सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इन तबादला आदेशों को दोनों जिलों में हुई संदिग्ध मौतों और प्रशासनिक लापरवाही पर सरकार की सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

तबादला पाने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का ब्योरा

जारी किए गए तबादला आदेशों के अनुसार चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में सीधा बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में सागर के निवर्तमान एसपी अनुराग सुजानिया 2014 बैच के अधिकारी हैं, जबकि सागर के नए एसपी संजीव कुमार सिन्हा 2016 बैच के आईपीएस हैं। वहीं देवास से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेजे गए पुनीत गहलोत 2017 बैच और देवास के नए एसपी बनाए गए आदित्य मिश्रा 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। इस नई पदस्थापना के बाद अब देवास और सागर दोनों ही संवेदनशील जिलों में कानून-व्यवस्था की बागडोर नए अधिकारियों के हाथों में होगी।

घटनाक्रम, मौतों के आंकड़े और विवाद पर प्रशासनिक रुख

सागर और देवास जिलों में शराब कांड के बाद हुई मौतों को लेकर स्थानीय स्तर से लेकर राजनीतिक हलकों तक भारी हंगामा देखने को मिला था। देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों के बाद परिजनों ने जहरीली शराब को मुख्य वजह बताते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। यद्यपि प्रारंभिक स्तर पर प्रशासन ने जहरीली शराब से मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी, किंतु बाद में पुलिस ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए। वहीं सागर जिले में भी शराब कांड के बाद कई लोगों की जान जाने की खबर से हड़कंप मच गया था, जिसके बाद आखिरकार सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों जिलों के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को हटाने का बड़ा निर्णय लिया।