October 24, 2026

4.53 करोड़ रुपये के लेन-देन में आरोपी दोषी, कोर्ट ने 3 साल कैद की सजा सुनाई

मुंगेली। साइबर अपराध के जरिए ठगी गई करोड़ों रुपये की राशि को बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त करने और उसके अवैध लेन-देन में खातों का इस्तेमाल करने के मामले में मुंगेली न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाया है। मुंगेली की सत्र न्यायाधीश गिरिजा देवी मेरावी ने फर्जी खातों के जरिए ठगी की राशि खपाने वाले आरोपी संजीव खांडे को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास के साथ दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

करोड़ों रुपये के लेन-देन और म्यूल अकाउंट का मामला

मामले का विस्तृत ब्योरा देते हुए अधिकारियों ने बताया कि अड़तीस वर्षीय आरोपी संजीव खांडे, जो कि मुंगेली जिले के ग्राम बोदा का निवासी है, उसने अपने तथा अपने जान-पहचान वालों के नाम से बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों का इस्तेमाल अवैध रूप से 'म्यूल अकाउंट' के तौर पर साइबर ठगों द्वारा किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि इन खातों के जरिए लगभग चार करोड़ तिरेपन लाख निवासी हजार पांच सौ सड़सठ रुपये की ठगी की रकम का बड़ा लेन-देन अंजाम दिया गया था। सिटी कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया था।

गवाहों के आधार पर सजा और फरार आरोपियों की तलाश

अदालत में सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने कुल चौदह गवाहों और मजबूत साक्ष्यों के जरिए अभियोजन का पक्ष मजबूती से रखा। न्यायालय ने प्रस्तुत तथ्यों पर विचार करने के उपरांत आरोपी संजीव खांडे को दोषी ठहराते हुए सजा का ऐलान किया। वहीं, इस प्रकरण के अन्य सह-अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया, जबकि मामले से जुड़े कई अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।