October 23, 2026

बिजली कर्मियों की हड़ताल पर समाधान की उम्मीद, चंडीगढ़ में सरकार और कर्मचारियों के बीच वार्ता

चंडीगढ़। हरियाणा राज्य में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गुरुग्राम और नूंह जिलों में एक निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस दिए जाने के विरोध में शुरू हुई इस हड़ताल ने उद्योगों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी दफ्तरों और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति को पूरी तरह ठप कर दिया है। चौतरफा मचे हाहाकार के बीच सरकार ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है और स्थिति को सामान्य बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं।

सरकार की अपील और आज होने वाली अहम वार्ता

बिजली मंत्री अनिल विज ने हड़ताल पर गए सभी कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वे हड़ताल समाप्त कर तत्काल अपनी ड्यूटी पर वापस लौट आएं। सरकार सभी जायज मुद्दों पर बातचीत करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसके तहत आवश्यकता पड़ने पर कानूनी और प्रशासनिक विकल्पों का भी उपयोग किया जा सकता है। इसी क्रम में आज दोपहर तीन बजे चंडीगढ़ में बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों को आधिकारिक बातचीत के लिए बुलाया गया है। इस उच्चस्तरीय बैठक में कर्मचारियों की मांगों और हड़ताल को समाप्त कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

उद्योगों, अस्पतालों और दैनिक जनजीवन पर व्यापक असर

इस हड़ताल के कारण राज्यभर में औद्योगिक उत्पादन को भारी झटका लगा है। सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, रोहतक और हिसार समेत कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में हजारों फैक्ट्रियों और इकाइयों का कामकाज ठप पड़ गया है, जिससे करोड़ों रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ है। इसके अलावा, दर्जनों जिलों के ग्रामीण और शहरी इलाकों में सैकड़ों ट्रांसफार्मर और फीडर फेल होने से हजारों शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि पानी की आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाएं भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं।