October 23, 2026

वाराणसी में स्नातक-शिक्षक एमएलसी चुनाव: 74 हजार से अधिक मतदाता, 21 केंद्र और 102 बूथ तैयार

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक विधान परिषद (एमएलसी) निर्वाचन क्षेत्रों के लिए शुक्रवार को सुबह आठ बजे से मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गई। सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगनी शुरू हो गईं। इस बहुप्रतीक्षित चुनाव में शिक्षक और स्नातक वर्ग के मतदाता बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जो शाम चार बजे तक संपन्न होगा।

मतदान केंद्रों की व्यवस्था और मतदाताओं की संख्या

जिला प्रशासन द्वारा चुनाव को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां एक दिन पूर्व ही पूरी कर ली गई थीं। वाराणसी जिले के अंतर्गत दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के कुल चौहत्तर हजार आठ सौ चालीस मतदाता इक्कीस मतदान केंद्रों के एक सौ दो बूथों पर अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए इक्यासी बूथ तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए इक्कीस बूथ निर्धारित किए गए हैं। इस चुनाव में स्नातक खंड के अंतर्गत पुरुष और महिला मतदाता दोनों बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

प्रमुख प्रत्याशी और आठ जिलों में फैला दायरा

वाराणसी खंड की इन दोनों सीटों पर कुल चौंतीस प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें स्नातक सीट पर चौबीस और शिक्षक सीट पर दस उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चुनाव का दायरा केवल वाराणसी जिले तक सीमित न होकर चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया सहित कुल आठ जिलों में फैला हुआ है, जहाँ कुल मिलाकर तीन लाख तेईस हजार से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतदान प्रक्रिया में वरीयता के आधार पर मत दर्ज किए जा रहे हैं, जिसके लिए विशेष बैंगनी स्केच पेन का उपयोग अनिवार्य किया गया है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और आगामी परिणाम

मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मतदान केंद्रों से लेकर स्ट्रांग रूम तक सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मतदान समाप्त होने के बाद सभी मतपेटियों को सुरक्षित स्ट्रांग रूम में सील कर दिया जाएगा, और आगामी सत्ताईस अक्टूबर को पहड़िया मंडी स्थित मतगणना केंद्र पर वोटों की गिनती के बाद परिणामों की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही पात्र मतदाताओं के लिए विशेष अवकाश के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि लोकतंत्र के इस पर्व में सभी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।