October 20, 2026

10वीं के मार्क्स से मिलेगा आगे बढ़ने का मौका, डॉक्टर-इंजीनियर बनने में मदद करेगी सरकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को डॉक्टर या इंजीनियर बनाने की दिशा में राज्य की योगी सरकार ने एक अत्यंत कल्याणकारी और बड़ी पहल की है। प्रदेश के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में कक्षा 12वीं (विज्ञान संकाय) में पढ़ रहे मेधावी छात्र-छात्राओं को अब देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं जेईई (JEE) और नीट (NEET) की तैयारी के लिए पूरे एक वर्ष की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

दक्षणा फाउंडेशन के सहयोग से पुणे में मिलेगी सुविधा

राज्य के समाज कल्याण विभाग द्वारा यह विशेष शैक्षणिक योजना 'दक्षणा फाउंडेशन' के सहयोग के साथ संचालित की जा रही है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें मेधावी विद्यार्थियों का चयन उनकी कक्षा 10वीं के गणित तथा विज्ञान विषयों के प्राप्तांकों और उनके परिवार की वार्षिक आय के आधार पर किया जाएगा। चयन प्रक्रिया में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को महाराष्ट्र के पुणे में स्थित 'दक्षणा वैली परिसर' में निःशुल्क उच्च स्तरीय कोचिंग के साथ-साथ मुफ़्त आवासीय सुविधा और पौष्टिक भोजन की संपूर्ण व्यवस्था प्रदान की जाएगी।

संयुक्त दक्षणा चयन परीक्षा (JDST-2027) के माध्यम से होगा चयन

समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 12वीं विज्ञान वर्ग में अध्ययनरत तथा मई 2027 तक अपनी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले सभी पात्र विद्यार्थी संयुक्त दक्षणा चयन परीक्षा (JDST-2027) में शामिल होने के लिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

इंजीनियरिंग और मेडिकल वर्ग के लिए निर्धारित योग्यता और कटऑफ

इंजीनियरिंग वर्ग (जेईई) की तैयारी के लिए 10वीं के गणित और विज्ञान विषयों में अंक सीमा तय की गई है। सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 85 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए गए हैं, जबकि छात्राओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 5 प्रतिशत की छूट देते हुए 80 प्रतिशत अंक की योग्यता रखी गई है। अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, जनजाति और दिव्यांग अभ्यर्थियों को नियमानुसार अलग से छूट प्रदान की जाएगी। दूसरी ओर, मेडिकल वर्ग (नीट) की तैयारी के लिए सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों हेतु 80 प्रतिशत, ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस श्रेणी हेतु 75 प्रतिशत तथा एससी व एसटी श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए 10वीं में न्यूनतम 65 प्रतिशत अंक तय किए गए हैं।

आय सीमा और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

इस जनकल्याणकारी योजना का प्राथमिक उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाना है, जिसके लिए पारिवारिक आय की सीमा भी निर्धारित की गई है। योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले छात्रों के परिवार की कुल वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम तथा छात्राओं के परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। शासन द्वारा सर्वोदय विद्यालयों के प्राचार्यों को योग्य विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के निर्देश दिए गए हैं। पात्र अभ्यर्थी आधिकारिक डिजिटल पोर्टल के माध्यम से अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।