October 20, 2026

विदेश दौरे की खबरों पर राहुल गांधी को घेरने में जुटी भाजपा, बयान से बढ़ा राजनीतिक विवाद

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी द्वारा कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की कथित विदेश यात्रा को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला गया है। भाजपा नेता ने सवाल उठाया है कि क्या राहुल गांधी देश से बाहर अपने किसी राजनीतिक असहयोगियों या अराजकता फैलाने वाले साथियों से गुप्त मुलाकात करने जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने पावन नवरात्र और दशहरा जैसे प्रमुख त्योहारों के समय कांग्रेस नेता के देश में मौजूद न होने को लेकर भी उन पर जमकर निशाना साधा है।

छुट्टियों पर विदेश जाने को लेकर भाजपा का तंज

भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कड़ा कटाक्ष किया और आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक बार फिर अपनी पुरानी शैली के अनुरूप छुट्टी मनाने के लिए विदेश रवाना हो चुके हैं। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता अपनी राजनीतिक और सांगठनिक जिम्मेदारियों से अक्सर किनारा कर लेते हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि नवरात्र के पवित्र दिनों में देश से बाहर रहने का क्या औचित्य है और क्या वे अपने उन साथियों से मिलने गए हैं जो देश में कथित तौर पर अस्थिरता फैलाना चाहते हैं।

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का तीखा तंज

इस राजनीतिक बयानबाजी के सिलसिले में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने भी राहुल गांधी पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने विजय दशमी के पावन पर्व पर रावण दहन की परंपरा का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि कांग्रेस नेता संभवतः अपनी आँखों के सामने रावण का पुतला जलता हुआ देखने का साहस नहीं जुटा पाए, इसलिए वे ऐन मौके पर विदेश यात्रा पर निकल गए।

गोवा की रैली और चुनाव संबंधी आरोप

प्रदीप भंडारी और मंत्री ओपी राजभर की यह तीखी प्रतिक्रियाएं उस समय सामने आई हैं जब कुछ ही दिन पूर्व राहुल गांधी ने गोवा के मडगांव में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया था। उस रैली के दौरान कांग्रेस नेता ने सत्तारूढ़ भाजपा नेतृत्व पर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि मतदान प्रक्रिया या वोटों की चोरी से छेड़छाड़ करना सीधे तौर पर देश के संविधान और कांग्रेस पार्टी की मूल विचारधारा पर एक बड़ा हमला है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी हमेशा से संविधान की मुख्य संरक्षक रही है।