भोपाल। मध्य प्रदेश के करीब 15 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए पदोन्नति का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के लगभग दो महीने बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब विभागीय पदोन्नति में पात्र कर्मचारियों को कंप्यूटर दक्षता प्रमाणपत्र परीक्षा (CPCT) का स्कोर कार्ड जमा करने से बड़ी छूट दे दी गई है, हालांकि इसके बावजूद कंप्यूटर दक्षता और निर्धारित शैक्षणिक योग्यता की शर्तें पूरी करना अनिवार्य होगा।
सहायक ग्रेड-3 के पद पर होगा प्रमोशन
राज्य सरकार ने यह अहम फैसला पदोन्नति प्रक्रिया में लंबे समय से आ रही अड़चनों को दूर करने और पात्र कर्मचारियों को आगे बढ़ने का उचित अवसर प्रदान करने के लिए लिया है। जारी आदेश के अनुसार, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दो साल की परीक्षण अवधि पर सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नत किया जा सकेगा। इस दौरान उन्हें अपनी योग्यता साबित करने के लिए CPCT परीक्षा पास करने के साथ-साथ किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा या प्रमाणपत्र भी हासिल करना होगा।
योग्यता पूरी करने के लिए पांच साल का समय
नियमों के मुताबिक, पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों को आवश्यक कंप्यूटर योग्यता पूरी करने के लिए कुल पांच साल तक की मोहलत दी गई है। शुरुआती दो साल में निर्धारित योग्यता हासिल करना अनिवार्य होगा, लेकिन यदि कोई कर्मचारी इस अवधि में शर्तें पूरी नहीं कर पाता है, तो उसकी परीक्षण अवधि अधिकतम तीन साल के लिए और बढ़ाई जा सकेगी। यदि कोई कर्मचारी पांच साल की कुल निर्धारित अवधि में भी जरूरी योग्यता हासिल करने में असफल रहता है, तो उसे सहायक ग्रेड-3 के पद से वापस उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर डिमोट कर दिया जाएगा।
45 वर्ष से अधिक उम्र वालों को विशेष राहत
सरकार ने उम्रदराज कर्मचारियों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि पदोन्नति की निर्धारित तिथि तक 45 साल की उम्र पूरी कर चुके कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर प्रमोशन के लिए CPCT स्कोर कार्ड प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, इन कर्मचारियों के लिए भी सामान्य कंप्यूटर दक्षता की शर्त यथावत लागू रहेगी।
सीधी भर्ती में लागू नहीं होगी यह छूट
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि CPCT स्कोर कार्ड से मिलने वाली इस छूट का लाभ केवल विभागीय पदोन्नति के मामलों में ही सीमित रहेगा। सीधी भर्ती या अन्य किसी माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में यह छूट किसी भी स्थिति में लागू नहीं होगी। ऐसी नियुक्तियों के लिए CPCT और कंप्यूटर डिप्लोमा या प्रमाणपत्र से जुड़े पुराने नियमों और निर्धारित योग्यताओं का सख्ती से पालन करना होगा।

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