October 15, 2026

चित्रकूट ने कृषि उत्पादकता में हासिल किया तीसरा स्थान, जिलाधिकारी को किया गया सम्मानित

नई दिल्ली। कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने और किसानों के हित में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत चित्रकूट जिले को श्रेष्ठता प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने सौंपा प्रमाणपत्र

नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चित्रकूट के जिलाधिकारी (DM) पुलकित गर्ग को यह प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र सौंपा। इस उपलब्धि को जिले के किसानों और कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम बताया गया है। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक जीत लाल गुप्ता, कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां के वैज्ञानिक उत्तम त्रिपाठी, डॉ. रंजीत सरोज और प्रगतिशील किसान नथुराम भी उपस्थित रहे।

फसल उत्पादकता में शानदार वृद्धि

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चित्रकूट जिले की कुल कृषि उत्पादकता में 5.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह 132.31 से बढ़कर 139.09 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पहुंच गई है। विभिन्न फसलों के उत्पादन में जबरदस्त इजाफा देखा गया है:

  • अलसी: उत्पादकता में सबसे ज्यादा 33.48 प्रतिशत की वृद्धि।

  • मटर: 8.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी।

  • तोरिया: 8.11 प्रतिशत की वृद्धि।

  • गेहूं: 3.98 प्रतिशत का सुधार।

  • सरसों: 2.07 प्रतिशत की वृद्धि।

  • मसूर: 0.75 प्रतिशत की बढ़त।

चने की पैदावार सुधारने पर रहेगा जोर

अनेक फसलों में बंपर पैदावार के बावजूद, समीक्षा में सामने आया है कि चने की उत्पादकता में 20.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। कृषि विभाग अब इस कमी को दूर करने के लिए विशेष रणनीति बना रहा है, ताकि आगामी सत्र में दलहन उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके और चने की पैदावार में सुधार किया जा सके।