October 14, 2026

अजगर के मुंह में पनप रही थी कैंसर की गांठ, विशेषज्ञों की टीम ने किया ऑपरेशन

सरगुजा| घातक बीमारी कैंसर का नाम सुनते ही मन में सिहरन पैदा हो जाती है। यह एक ऐसी बीमारी है जिससे लड़ने के लिए इंसान को कई साल संघर्ष करना पड़ता है, और इससे मुक्ति पाने के लिए अक्सर सर्जरी का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन छत्तीसगढ़ से एक बेहद हैरान कर देने वाली और अनूठी घटना सामने आई है, जहाँ एक विशाल अजगर के कैंसर का सफलतापूर्वक इलाज किया गया है।

क्या है पूरा वाकया?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में 8.5 किलोग्राम वजन वाले एक इंडियन रॉक पाइथन (अजगर) का रेस्क्यू किया गया। इस रेस्क्यू को वन्यजीव प्रेमी और 'स्नेक मैन' सत्यम द्विवेदी द्वारा अंजाम दिया गया था। हालांकि, बचाव कार्य के बाद जब अजगर का चिकित्सीय परीक्षण किया गया, तो पशु चिकित्सक भी भौचक्के रह गए। अजगर के मुख के अंदर एक बहुत बड़ी गाँठ पाई गई, जो जाँच के दौरान कैंसर का ट्यूमर साबित हुई।

बेजुबान की पीड़ा और बिलासपुर तक का सफर

यह बेजुबान जीव अपनी भयंकर तकलीफ को बयाँ तो नहीं कर सकता था, लेकिन डॉक्टरों और वन्यजीव प्रेमियों ने उसकी लाचारी और दर्द को महसूस किया। इस मूक प्राणी की जान बचाने के लिए अंबिकापुर से बिलासपुर तक का लंबा सफर तय किया गया। स्नेक मैन सत्यम स्वयं इस अजगर को सुरक्षित बिलासपुर लेकर पहुँचे। सबसे पहले कानन पेंडारी में उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टर पीयूष दुबे द्वारा इस अत्यंत जटिल सर्जरी को करने का निर्णय लिया गया।

साढ़े तीन घंटे चली नाजुक सर्जरी

लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस बेहद कठिन एवं संवेदनशील शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) के दौरान डॉक्टरों की टीम ने अजगर के मुँह से कैंसरयुक्त ट्यूमर को सफलतापूक बाहर निकाल लिया। यह ऑपरेशन इतना जोखिम भरा था कि जरा सी भी लापरवाही अजगर की जिंदगी पर भारी पड़ सकती थी। हालाँकि, चिकित्सकीय दल ने अदम्य साहस और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए इस सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया। फिलहाल, ऑपरेशन के उपरांत अजगर को ड्रिप (ग्लूकोज) और विशेष देखरेख की निगरानी में रखा गया है।