October 12, 2026

पीएम से सीएम तक मां त्रिपुरा सुंदरी के दरबार में लगा चुके हैं हाजिरी, नवरात्र पर विशेष तैयारी

बांसवाड़ा: दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध देवी तीर्थ श्री त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में रविवार से शारदीय नवरात्र महोत्सव का भव्य आगाज हो रहा है। पावन पर्व के पहले दिन सुबह चार बजे से ही मंदिर के कपाट दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके पश्चात सुबह पांच बजे मां की भव्य मंगला आरती संपन्न होगी और अभिजीत मुहूर्त में विधि-विधान के साथ घट स्थापना की जाएगी।

आकर्षक विद्युत सज्जा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम

मंदिर के व्यवस्थापक मंडल पंचाल समाज चौदह चोखरा द्वारा इस बार मंदिर परिसर को बेहद मनोहारी और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है, जिससे रात्रि के समय मंदिर की छटा देखते ही बन रही है। मुख्य मंदिर के बाहर विशेष एलईडी स्क्रीन लगाई गई है, ताकि बाहर खड़े श्रद्धालु भी आसानी से आरती के दिव्य दर्शन कर सकें। इसके अतिरिक्त, आने वाले भक्तों के लिए छांव, शुद्ध पेयजल और बैठने की उत्तम व्यवस्था की गई है। तलवाड़ा से त्रिपुरा सुंदरी मंदिर तक जाने वाले मार्ग का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा कर लिया गया है, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

गुजरात और मध्य प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से पहुंचेंगे श्रद्धालु

तलवाड़ा, बांसवाड़ा, परतापुर, डूंगरपुर के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और गुजरात से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु नौ दिनों तक माता के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। नवरात्र को लेकर पंचाल समाज और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। श्री त्रिपुरा सुंदरी मंदिर व्यवस्थापक मंडल के अध्यक्ष धूलजी भाई पंचाल एवं महामंत्री नटवरलाल पंचाल ने बताया कि इस वर्ष भक्तों के गरबा रास के लिए एक विशेष डोम पंडाल तैयार किया गया है, और पिछले वर्षों की तुलना में परिसर को और अधिक भव्य तरीके से सजाया गया है।

नवरात्र महोत्सव का संपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम

  • घट स्थापना: मंदिर में 11 अक्टूबर 2026, रविवार को दोपहर 12:01 से 12:47 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना की जाएगी।

  • दैनिक दर्शन एवं आरती: प्रतिदिन सुबह 5 बजे से दर्शन शुरू होंगे। नित्य पूजा और आरती सुबह 7 बजे तथा संध्या आरती शाम 7 बजे होगी।

  • अष्टमी पर्व: अष्टमी के दिन सुबह 4 बजे से दर्शन और सुबह 5 बजे मंगला आरती होगी। सुबह 11 बजे माता के रजत रथ में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।

  • पूर्णाहुति: 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को अष्टमी हवन और शाम 5 बजे पूर्णाहुति का कार्यक्रम निर्धारित है।

  • गरबा रास: नवरात्र के दौरान प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से 12 बजे तक गरबा रास का आयोजन किया जाएगा।

वार के अनुसार होगा मां का विशेष श्रृंगार

नवरात्र के नौ दिनों के दौरान माता त्रिपुरा सुंदरी का प्रतिदिन अलग-अलग रंगों के वस्त्रों और आभूषणों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा:

  • सोमवार: सफेद श्रृंगार

  • मंगलवार: लाल श्रृंगार

  • बुधवार: हरा श्रृंगार

  • गुरुवार: पीला श्रृंगार

  • शुक्रवार: केसरिया या नारंगी श्रृंगार

  • शनिवार: नीला श्रृंगार

  • रविवार: माता का विशेष पंचरंगी श्रृंगार

अष्टदश (18) भुजाओं वाली है मां त्रिपुरा सुंदरी की प्रतिमा

बांसवाड़ा जिला मुख्यालय से लगभग 14 किलोमीटर दूर तलवाड़ा के समीप उमराई गांव में मां त्रिपुरा सुंदरी का यह प्राचीन और भव्य मंदिर स्थित है। मुख्य मंदिर के प्रवेश द्वार के किवाड़ चांदी के बने हुए हैं। मां भगवती त्रिपुरा सुंदरी की प्रतिमा अष्टदश यानी 18 भुजाओं वाली है, जिस पर माता दुर्गा के नौ रूपों की प्रतिकृतियां अत्यंत कलात्मक ढंग से अंकित हैं। माता की यह प्रतिमा सिंह, मयूर और कमल—तीनों आसनों पर विराजमान है।

दिन के तीनों पहर में अलग रूपों में दर्शन देती हैं माता

धार्मिक मान्यता है कि मां त्रिपुरा सुंदरी दिन के अलग-अलग पहर में अपने भक्तों को तीन स्वरूपों में दर्शन देती हैं—प्रातःकाल में वे कुमारिका रूप में, मध्याह्न बेला में यौवना रूप में और सायंकालीन बेला में प्रौढ़ रूप में नजर आती हैं। इसी अनोखी विशेषता के कारण इन्हें 'त्रिपुरा सुंदरी' कहा जाता है। यह भी मान्यता है कि यह मंदिर शक्तिपुरी, शिवपुरी और विष्णुपुरी नामक तीन पुरियों के मध्य स्थित है, जिसके चलते देवी का यह नाम पड़ा।

देश के शीर्ष नेता टेका चुके हैं दरबार में मत्था

मान्यता है कि मां त्रिपुरा सुंदरी के दरबार में सच्ची श्रद्धा से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। मंदिर की इसी आध्यात्मिक महत्ता के कारण देश और प्रदेश के कई दिग्गज राजनेता यहां दर्शन के लिए आ चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, हरिदेव जोशी, अमित शाह, वसुंधरा राजे, अशोक गहलोत और शिवराज सिंह चौहान सहित कई प्रमुख हस्तियां मां के दरबार में हाजिरी लगा चुकी हैं।