October 12, 2026

ध्रुव राठी को मिली राहत, लेकिन गिरफ्तारी का खतरा बरकरार? हिरासत में 7 हजार से ज्यादा लोग

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी को शनिवार देर रात रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया था, जिसकी पुष्टि रविवार को अधिकारियों द्वारा की गई। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि ध्रुव राठी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन कर दोबारा जंतर-मंतर जाने का प्रयास करेंगे, तो उन्हें फिर से हिरासत में लिया जा सकता है या उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले पुलिस की कड़ी कार्रवाई

ध्रुव राठी को उस समय हिरासत में लिया गया जब दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर रही थी। कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन का आह्वान किया था। यह मांग विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोपों के आधार पर उठाई गई थी। पुलिस प्रदर्शनकारियों को किसी भी कीमत पर जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर निगरानी रख रही थी।

राजधानी में 7 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में

इस प्रस्तावित प्रदर्शन को विफल करने के लिए दिल्लीभर में व्यापक स्तर पर पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजधानी के विभिन्न इलाकों से कुल 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। दिल्ली की सीमाओं और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा इतनी सख्त कर दी गई थी कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे लोगों को जगह-जगह रोक लिया गया। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान ध्रुव राठी के अलावा कई अन्य प्रमुख राजनीतिक हस्तियों और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया।

ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल सहित कई बड़े नेता भी पकड़े गए

प्रदर्शन में शामिल होने का प्रयास कर रहे विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा, कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को भी हवाई अड्डे से हिरासत में लिए जाने के बाद एहतियातन गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिसकर्मियों से मारपीट के मामलों में दर्ज हो सकती हैं नई एफआईआर

प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर हाथापाई और मारपीट किए जाने की घटनाओं को लेकर भी पुलिस प्रशासन बेहद सख्त रुख अपना रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इन हिंसक घटनाओं और कानून-व्यवस्था भंग करने के मामलों में कई नई एफआईआर दर्ज किए जाने की पूरी संभावना है। फिलहाल, ध्रुव राठी की रिहाई के बाद भी जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।