October 12, 2026

मध्य प्रदेश के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, एमपी ट्रैवल मार्ट में विशेषज्ञों ने बताया रास्ता

भोपाल। मध्य प्रदेश पर्यटन को केवल ऐतिहासिक स्मारकों और प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित न रखते हुए, इसे पर्यटकों के लिए स्थानीय जीवन, संस्कृति, खानपान और परंपराओं के अनूठे अनुभव से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। हाल ही में संपन्न हुए मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) के दौरान आयोजित पैनल चर्चाओं में पर्यटन विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए, जिसमें भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

इंदौर और भोपाल बन सकते हैं बड़े आयोजन केंद्र

एमआईसीई (MICE) और क्रिएटिव इकोनॉमी पर हुई चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि देश में बैठकों, सम्मेलनों और बड़े आयोजनों का बाजार लगातार बढ़ रहा है। इसके तहत मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर और भोपाल में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। विशेषज्ञों ने पर्यटन के नए और आकर्षक अनुभव विकसित करने पर विशेष बल दिया है।

डेस्टिनेशन वेडिंग और सांस्कृतिक जुड़ाव

राज्य के कई प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर जैसे खजुराहो, महेश्वर, ओरछा, मांडू और ग्वालियर डेस्टिनेशन वेडिंग तथा बड़े आयोजनों के लिए बेहतरीन केंद्र बन सकते हैं। एक्सपर्ट्स ने सुझाव दिया है कि इन आयोजनों को स्थानीय भोजन, कला, संस्कृति, हथकरघा और हस्तशिल्प से जोड़ा जाना चाहिए, जिससे न केवल पर्यटकों को समृद्ध अनुभव मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

साहसिक (एडवेंचर) और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा

पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. इलैयाराजा टी. ने साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही है। इसके तहत एक ही स्थान पर कई रोमांचक गतिविधियां और सुविधाएं विकसित करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा, ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रदेश में अब तक 418 ग्रामीण होमस्टे स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें 34 हजार से अधिक पर्यटक ठहर चुके हैं। चंदेरी, लाडपुर और सावखानी जैसे गांवों में पर्यटक स्थानीय रहन-सहन और खानपान का आनंद ले रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से भी बड़ा लाभ मिल रहा है।