October 9, 2026

पंजाब पुलिस पर हिरासत में प्रताड़ना के आरोप, 14 अक्टूबर को आयोग के सामने पेश होंगे DGP

सुनाम: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने सिख युवक मोहनजीत सिंह शेरों से जुड़े कथित पुलिस हिरासत में उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाए जाने के गंभीर मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को नई दिल्ली तलब किया है।

14 अक्टूबर 2026 को मुख्यालय में पेश होने के निर्देश

इस संबंध में एक औपचारिक पत्र जारी करते हुए आयोग ने पंजाब के डीजीपी को 14 अक्टूबर 2026 की दोपहर 12 बजे नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, पंजाब पुलिस को इस पूरे प्रकरण से जुड़े सभी प्रासंगिक रिकॉर्ड और दस्तावेज भी अनिवार्य रूप से साथ लाने को कहा गया है। इस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी भाजपा नेताओं दामन बाजवा और हरमनदेव सिंह बाजवा द्वारा साझा की गई है।

क्या है पूरा मामला और क्या हैं आरोप?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के पैतृक गांव शेरों में आयोजित एक 'लोक मिलनी' (जनसंवाद) कार्यक्रम के दौरान मोहनजीत सिंह शेरों ने विरोध स्वरूप काला कपड़ा दिखाया था और इलाके में धड़ल्ले से चल रहे अवैध नशे के कारोबार का पुरजोर मुद्दा उठाया था। आरोप लगाया गया है कि इस घटना के तुरंत बाद चार पुलिस अधिकारियों ने हिरासत के दौरान मोहनजीत सिंह के साथ भारी बर्बरता की और उनकी धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई। इसी गंभीर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने पंजाब पुलिस के सर्वोच्च अधिकारी को तलब किया है।