जयपुर। राजस्थान में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का औपचारिक आगाज हो चुका है, जिसके तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले चरण के चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस प्रक्रिया के शुरू होते ही राज्य की 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों में सदस्यों के लिए नामांकन दाखिल करने का दौर आरंभ हो गया है। जिला परिषद सदस्यों के नामांकन जिला स्तर पर जबकि पंचायत समिति सदस्यों के नामांकन उपखंड स्तर पर स्वीकार किए जा रहे हैं, जिसकी अंतिम तिथि 13 अक्टूबर तय की गई है। इसके अलावा, पहले चरण की 3314 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए भी चुनाव संपन्न होंगे, जिनके वास्ते मतदान से ठीक एक दिन पहले नामांकन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मतदान दलों के लिए विशेष सुविधाएं और भत्ते
इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्य में तैनात किए जाने वाले मतदान दलों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा है। चुनाव कर्मियों और सुरक्षाबलों को अब अपने साथ बिस्तर, गद्दे, चद्दर या तकिए ढोकर नहीं ले जाने पड़ेंगे, क्योंकि इसकी व्यवस्था स्थानीय जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही छाया, पेयजल और रोशनी के पुख्ता इंतजाम पहले ही कर दिए गए हैं। मतदान दलों को करीब पांच दिनों तक रुकना होगा, जिसके मद्देनजर उनके लिए कुक और हेल्पर की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की जाएगी। इस खर्च का वहन करने के लिए आयोग प्रत्येक मतदानकर्मी को 2200 से 3450 रुपये तक का भुगतान करेगा और प्रति दल 17,650 रुपये का कुल बजट तय किया गया है।
शांतिपूर्ण मतदान के लिए सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश
चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने 10 कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों के अवकाश पर रोक के साथ बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। रैलियों, प्रचार वाहनों और सभाओं के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बीएनएसएस की धारा 163 के तहत किसी भी प्रकार के हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है, सरपंच प्रत्याशियों के लिए प्रचार का समय सीमित किया गया है और विजय जुलूस निकालने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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