October 6, 2026

वेतन की नई परिभाषा से क्या बदलेगा? प्रहलाद पटेल ने बताए संहिता के फायदे

भोपाल। केंद्र सरकार की ओर से श्रम कानूनों के आधुनिकीकरण और उन्हें अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से लेबर कोड्स 2025 के अंतर्गत वेतन की एक नवीन और स्पष्ट परिभाषा तय की गई है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए इन सुधारों को देश के श्रमिक वर्ग के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया है, वहीं मध्य प्रदेश के श्रम एवं पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी सराहना करते हुए इसे श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करने वाला करार दिया है।

वेतन संहिता 2019 के अंतर्गत चार पुराने कानूनों का विलय

भारत सरकार ने मजदूरी, पारिश्रमिक और बोनस से संबंधित चार पुराने तथा जटिल अधिनियमों को एकीकृत कर वेतन संहिता 2019 को स्वरूप प्रदान किया था। इस व्यापक श्रम कानून के दायरे में मुख्य रूप से वेतन भुगतान अधिनियम 1936, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, बोनस भुगतान अधिनियम 1965 और समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 को शामिल किया गया है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से देश भर के सभी कामगारों और कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन का अधिकार वैधानिक रूप से सुनिश्चित किया गया है। इसके अलावा, वेतन के समय पर वितरण को अनिवार्य बनाते हुए यह प्रावधान किया गया है कि प्रत्येक माह का वेतन अगले महीने की शुरुआती सात तारीखों के भीतर अदा कर दिया जाए। साथ ही काम के घंटे अधिकतम अड़तालीस घंटे प्रति सप्ताह और बारह घंटे प्रतिदिन तय किए गए हैं, जबकि निर्धारित समय से अधिक कार्य करने यानी ओवरटाइम की स्थिति में दोगुनी राशि दिए जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है।

वेतन की नई परिभाषा और पचास प्रतिशत का नियम

लेबर कोड्स के अंतर्गत वेतन की जो नई परिभाषा निर्धारित की गई है, उसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें कुल कॉस्ट टू कंपनी यानी सीटीसी का कम से कम पचास प्रतिशत हिस्सा मूल वेतन और महंगाई भत्ते के रूप में होना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम के क्रियान्वयन से कंपनियों द्वारा कर्मचारियों के वेतन ढांचे में विभिन्न भत्तों की सीमा अधिकतम पचास प्रतिशत तक ही सीमित हो जाएगी, जिसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि कर्मचारियों के भविष्य निधि और ग्रेच्युटी जैसे दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा फंडों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल और भाजपा की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लेबर कोड्स 2025 की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सुधारों से विश्वास, विश्वास से निवेश और निवेश से रोजगार का सृजन होता है, और यही विकसित भारत की असली दिशा है। इस कड़ी में मध्य प्रदेश के श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने इस पोस्ट को साझा करते हुए अपने विचार व्यक्त किए कि ये नए प्रावधान सरल नियम, सशक्त श्रमिक, आसान कारोबार और रोजगार को तेज गति प्रदान करने वाले साबित होंगे।