रायपुर: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चिराग पासवान रविवार को विशेष रूप से रायपुर पहुँचे। विमानतल पर पार्टी के उत्साही कार्यकर्ताओं ने उनका बेहद जोरदार स्वागत किया। चिराग पासवान यहाँ राजधानी में आयोजित एक विशेष 'युवा संवाद' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर पार्टी की भविष्य की रणनीति स्पष्ट की। चिराग पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि छत्तीसगढ़ में लोक जनशक्ति पार्टी की आधिकारिक राज्य इकाई का गठन जल्द ही किया जाएगा, जिसके पश्चात संगठन के विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों की नियुक्तियां पूरी की जाएंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट संकेत दिए कि आने वाले आगामी चुनावों में पार्टी छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएगी।
संगठन को मजबूत करने और युवाओं से जुड़ने पर जोर
रायपुर में मीडिया से मुखातिब होते हुए चिराग पासवान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पार्टी के जमीनी संगठन को पूरी तरह मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा। प्रदेश इकाई के गठन के बाद ही पार्टी के अन्य पदाधिकारियों की विधिवत नियुक्तियां होंगी, जिसके माध्यम से पूरे प्रदेश में संगठन का दायरा बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस 'युवा संवाद' कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और उनकी समस्याओं तथा अपेक्षाओं को गहराई से समझना है। चिराग ने जोर देकर कहा कि देश और प्रदेश की राजनीति में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है, और पार्टी हमेशा युवाओं को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है।
आगामी चुनावों में राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने की योजना
छत्तीसगढ़ में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर चिराग पासवान ने पार्टी की मंशा साफ करते हुए कहा कि राज्य में संगठन के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी हर हाल में चुनाव मैदान में उतरेगी। हालांकि, पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और इसके लिए चुनावी रणनीति क्या होगी, इस पर उन्होंने अभी किसी निश्चित संख्या का खुलासा नहीं किया। फिलहाल पार्टी का सबसे पहला और मुख्य लक्ष्य छत्तीसगढ़ में एक मजबूत और सक्रिय संगठन खड़ा करना है।
SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर रखी अपनी बात
चिराग पासवान ने चुनाव आयोग और एसआईआर (SIR) को लेकर हाल ही में उठ रहे विभिन्न सवालों पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि देश के किसी भी मतदाता को चुनाव आयोग की पूरी चुनावी प्रक्रिया पर किसी प्रकार का संदेह है, तो यह आयोग की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह लोगों का विश्वास बहाल करे। एसआईआर के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, वे सामान्य मतदाता नहीं थे। चिराग ने कहा कि यदि बड़े पैमाने पर आम और वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाते, तो इसका व्यापक सामाजिक असर दिखाई देता और राज्य में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन या आंदोलन की स्थिति पैदा हो जाती।
चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस पार्टी पर साधा निशाना
कांग्रेस पार्टी की तरफ से लगातार चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने और चुनाव रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग किए जाने पर चिराग पासवान ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि यदि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर इतना ही गहरा संदेह है, तो क्या वह आगामी समय में हिमाचल प्रदेश में होने वाले चुनाव नहीं लड़ेगी? उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य विधायकों का हवाला देते हुए कहा कि क्या ये सभी नेता भी चुनाव लड़ने से पीछे हट जाएंगे? चिराग ने कहा कि विपक्ष का काम अपनी बात रखना और आवाज उठाना होता है, लेकिन कई बार विपक्ष का यह विरोध कुछ ही दिनों के बाद स्वतः समाप्त हो जाता है।
चिराग पासवान ने यह भी दावा किया कि एसआईआर का मुद्दा सामने आने के बाद से कांग्रेस ने अचानक ईवीएम (EVM) का पुराना मुद्दा उठाना बंद कर दिया है। उन्होंने विपक्ष की चुनावी आपत्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों पर विभिन्न संस्थाओं और राजनीतिक दलों के बीच आपसी विश्वास का होना बेहद आवश्यक है।
भाजपा के साथ गठबंधन और युवा संवाद के जरिए राजनीतिक पकड़ बनाने की कोशिश
छत्तीसगढ़ में एलजेपी (LJP) की नई राज्य इकाई के गठन के बाद भारतीय जनता पार्टी के साथ किसी भी प्रकार के राजनीतिक गठबंधन या समर्थन को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में चिराग पासवान ने कहा कि इस पर अंतिम फैसला पूरी तरह से राज्य इकाई ही लेगी। उन्होंने कहा कि उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों और समय की मांग को देखते हुए ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। चिराग के अनुसार, देश के कई अन्य राज्यों में भी लोक जनशक्ति पार्टी पूरी तरह से अपने दम पर स्वतंत्र राजनीतिक गतिविधियां संचालित कर रही है।
रायपुर में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम के माध्यम से चिराग पासवान ने सीधे तौर पर युवाओं से जुड़ने का प्रयास किया है। उनके इस दौरे को छत्तीसगढ़ में एलजेपी के सांगठनिक विस्तार की एक बड़ी शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। राज्य इकाई के आधिकारिक गठन और आगामी चुनावों में पार्टी की सक्रियता से छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में लोक जनशक्ति पार्टी की उपस्थिति और अधिक मजबूत हो सकती है।

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