October 4, 2026

शादी वाले बयान पर फिर बोले भाजपा विधायक, इकरा हसन को लेकर सियासत तेज

गाजियाबाद| समाजवादी पार्टी के आधिकारिक मीडिया सेल की तरफ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नंद किशोर गुर्जर के हालिया बयान को लेकर कड़ा निशाना साधे जाने के बाद, अब विधायक ने एक बार फिर अपनी बात मजबूती से दोहराई है। सपा मीडिया सेल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए विधायक की टिप्पणी को बेहद शर्मनाक और अक्षम्य करार दिया था। इसके कड़े जवाब में विधायक गुर्जर ने कहा है कि उन्होंने हमेशा समाज को एकजुट करने की बात कही है और उन्होंने यह सवाल उठाया कि आखिर समाज की एकता और समरसता की बात करना गलत कैसे हो सकता है।

सांसद इकरा हसन के बयान के संदर्भ में दिया था विवाह का प्रस्ताव

अपनी बात को स्पष्ट करते हुए विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन अक्सर सार्वजनिक रूप से खुद को गुर्जर समाज की बेटी बताती हैं। इसी आधार पर उन्होंने यह बयान दिया था कि यदि वे वाकई गुर्जर समाज की बेटी हैं, तो उन्हें हिंदू गुर्जर समाज के भीतर विवाह करके सामाजिक एकता का एक अनूठा परिचय देना चाहिए। अपने इस जवाब में उन्होंने समाजवादी पार्टी पर जमकर मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने का गंभीर आरोप भी लगाया और कई अन्य राजनीतिक मुद्दों को भी उठाया।

विधायक ने समाजवादी पार्टी को बताया महिला विरोधी

विधायक ने समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए उसे महिला विरोधी करार दिया और पार्टी के नेताओं के पुराने बयानों तथा हालिया घटनाओं का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के नेताओं ने अतीत में गुर्जर और जाट समाज की बेटियों को लेकर कई बार आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले आरोपियों का बचाव किया है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे एक विशेष मौलाना के खिलाफ खुलकर नहीं बोलते हैं।

इसके साथ ही, लोनी क्षेत्र में हाल ही में दो बेटियों के साथ हुई दुराचार की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस गंभीर मामले पर समाजवादियों की तरफ से कोई भी संवेदनशीलता या प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। इसके विपरीत, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों का एनकाउंटर किया और पीड़ित परिवार को हरसंभव आर्थिक सहायता व न्याय दिलाया।

क्या है पूरा राजनीतिक विवाद और मामला?

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने सहारनपुर में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान कैराना से सपा सांसद इकरा हसन के व्यक्तिगत जीवन और विवाह को लेकर एक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि यदि इकरा हसन खुद पहल करती हैं, तो गुर्जर समाज उनका विवाह किसी सुयोग्य हिंदू गुर्जर युवक के साथ कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।

विधायक ने अपने संबोधन में कहा था कि गुर्जर समाज ने हमेशा इकरा हसन को अपनी बहन-बेटी माना है। उन्होंने कहा था कि यदि वे किसी हिंदू युवक से विवाह करती हैं, तो समाज उन्हें अपने ही परिवार की बेटी का दर्जा देगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि यदि वे तैयार हों, तो उनकी पसंद के अनुसार ही किसी योग्य युवक से उनका रिश्ता तय कराया जा सकता है।

समाजवादी पार्टी का तीखा पलटवार और विधायक का जवाब

विधायक के इसी बयान को आधार बनाते हुए समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल ने सोशल मीडिया पर उन्हें आड़े हाथों लिया। सपा मीडिया सेल की पोस्ट में कहा गया कि एक महिला सांसद इकरा हसन के खिलाफ भाजपा विधायक की यह टिप्पणी बेहद शर्मनाक और अक्षम्य है। पोस्ट में यह भी जोड़ा गया कि गुर्जर समाज में अपनी बहन-बेटियों को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करने वालों को कभी माफ नहीं किया जाता।

इसके बाद, नंद किशोर गुर्जर ने सपा मीडिया सेल के उस पोस्ट का करारा जवाब देते हुए अपने पुराने बयान को एक बार फिर दोहराया और इसे समाज को जोड़ने की एक सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि इकरा हसन खुद को बार-बार गुर्जर समाज की बेटी बताती हैं, इसलिए उन्होंने हिंदू गुर्जर समाज में विवाह कर वास्तविक एकता का संदेश देने की बात कही थी। इसके साथ ही उन्होंने सपा की नीतियों और सांसद से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तीखे सवाल भी उठाए।