October 4, 2026

रोहित-ऋतुराज-केएल की मेहनत पर फिरा पानी, शाई होप ने वेस्टइंडीज को दिलाई यादगार जीत

शाई होप की शानदार कप्तानी पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने तीसरे और आखिरी एकदिवसीय (वनडे) मुकाबले में भारत को पाँच विकेट से हरा दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 351 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था, लेकिन वेस्टइंडीज ने कप्तान होप की नाबाद 162 रनों की तूफानी पारी के बदौलत 48.2 ओवरों में ही 5 विकेट खोकर 352 रनों के विशाल लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। यह एकदिवसीय क्रिकेट इतिहास में वेस्टइंडीज का अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज (लक्ष्य का पीछा) है। हालांकि, शुरुआती दोनों मुकाबले जीतने के कारण भारत ने तीन मैचों की यह सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।

भारत की ओर से केएल राहुल ने नाबाद 129 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली, जबकि रोहित शर्मा 92 रन बनाकर आउट हुए। इसके अलावा ऋतुराज गायकवाड़ ने भी 57 रनों का योगदान दिया। इन पारियों के बूते भारत 350 रनों के आंकड़े को पार करने में सफल रहा, लेकिन शाई होप के आक्रामक खेल के आगे भारतीय गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। होप ने 143 गेंदों का सामना करते हुए 162 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 17 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे।

शुरुआती झटके: चार रन के स्कोर पर दो विकेट गंवाकर मुश्किल में फंसा भारत

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने वाली भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने पारी के शुरुआत में ही कप्तान शुभमन गिल को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। गिल शॉर्ट गेंद को स्क्वायर लेग की दिशा में खेलने के प्रयास में शाई होप को कैच थमा बैठे।

इसके तुरंत बाद स्टार बल्लेबाज विराट कोहली भी ज्यादा देर तक पिच पर टिक नहीं सके। सील्स की अगली ही गेंद पर कोहली बल्ला लगाने से चूक गए और गेंद सीधे उनके मिडिल स्टंप से जा टकराई। इस प्रकार भारत ने मात्र चार रन के कुल स्कोर पर ही अपने शुरुआती दोनों महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए।

सील्स और मैथ्यू फोर्ड ने पावरप्ले के दौरान बेहद अनुशासनहीनता के साथ शानदार गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर कड़ा दबाव बनाए रखा। शुरुआती 10 ओवरों के खेल में भारत केवल 28 रन ही जोड़ सका। वेस्टइंडीज ने रोहित शर्मा को आउट करने के लिए अपने दोनों रिव्यू भी गंवा दिए, लेकिन इसके बाद भारतीय कप्तान ने सूझबूझ दिखाते हुए धीरे-धीरे पारी को संभाल लिया।

रोहित और ऋतुराज की शतकीय साझेदारी ने संभाली पारी

शुरुआती झटकों से उबरते हुए रोहित शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ ने भारतीय पारी को मजबूती दी। दोनों ने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की और पिच पर सेट होने के बाद रन गति में तेजी लाई। रोहित ने 18वें ओवर में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने अल्जारी जोसेफ के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया और पुल शॉट तथा कवर ड्राइव की मदद से शानदार चौके बटोरे। रोहित और ऋतुराज के बीच हुई इस साझेदारी ने भारत को संकट से बाहर निकाला और दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 137 रनों की बड़ी साझेदारी की।

रोहित शर्मा 85 गेंदों पर 92 रनों की शानदार पारी खेलकर आउट हुए। उनकी इस पारी में 10 चौके और 3 छक्के शामिल थे। वह कीमो पॉल की बैक-ऑफ-लेंथ गेंद को पुल करने के फेर में ज्वेल एंड्रयू को कैच दे बैठे और अपने शतक से मात्र आठ रन से चूक गए। उनके आउट होने के पांच गेंद बाद ही ऋतुराज गायकवाड़ भी पवेलियन लौट गए। उन्होंने 69 गेंदों पर 57 रन बनाए और इस दौरान अपना दूसरा वनडे अर्धशतक पूरा किया। जेडन सील्स ने उन्हें आउट करके मैच में अपना तीसरा विकेट हासिल किया।

केएल राहुल और नमन धीर की आक्रामक बल्लेबाजी से पार हुआ 350 का स्कोर

रोहित और ऋतुराज के आउट होने के बाद मध्यक्रम में केएल राहुल ने पारी की कमान संभाली। युवा बल्लेबाज नमन धीर ने भी उनका बेहतरीन साथ निभाया। दोनों ने मात्र 43 गेंदों पर 65 रनों की तेज साझेदारी करके भारत की रन गति को गिरने नहीं दिया। नमन धीर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बतौर बल्लेबाज अपने पदार्पण मैच में ही अपने आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने 21 गेंदों पर 30 रनों की पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल थे। इसके बाद केएल राहुल ने अंतिम ओवरों में अपने गियर बदले और चौकों-छक्कों की बरसात कर दी।

राहुल ने जेडन सील्स के खिलाफ छक्का लगाकर अपना नौवां एकदिवसीय शतक पूरा किया। शतक पूरा करने के बाद उन्होंने और तेजी से रन बटोरे और पारी के आखिरी ओवर में लगातार दो छक्के लगाने के बाद एक शानदार चौका भी जड़ा। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत भारत 350 रनों के स्कोर को पार करने में कामयाब रहा। केएल राहुल 129 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। इसके अलावा नितीश कुमार रेड्डी और अपना पहला मैच खेल रहे अंशुल कंबोज ने भी अंतिम ओवरों में कुछ उपयोगी रन जोड़े, जिससे भारत ने 50 ओवरों में 7 विकेट पर 351 रन बनाए।

वेस्टइंडीज की आक्रामक शुरुआत और शुरुआती साझेदारी

352 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की तरफ से सलामी बल्लेबाज शाई होप और जॉन कैंपबेल ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर करारा हमला बोल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती चार ओवरों में ही 8 चौके जड़कर इरादे साफ कर दिए। हालांकि, तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने भारत को पहली सफलता दिलाई। उन्होंने एक बेहतरीन अंदर आती गेंद पर कैंपबेल को क्लीन बोल्ड कर दिया। कैंपबेल 10 रन बनाकर आउट हुए।

इसके बाद आमिर जांगू क्रीज पर आए और उन्होंने कप्तान होप के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। शाई होप ने 46 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि जांगू ने भी 47 गेंदों पर पचास रन का आंकड़ा पार कर लिया। दोनों ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ लगातार बाउंड्री बटोरकर वेस्टइंडीज को बेहद मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया।

होप और जांगू की साझेदारी और मध्यक्रम का योगदान

शाई होप और आमिर जांगू ने दूसरे विकेट के लिए 103 गेंदों पर 109 रनों की ठोस साझेदारी निभाई। इस दौरान दोनों बल्लेबाजों को कुछ जीवनदान भी मिले। जांगू का एक आसान कैच विराट कोहली के हाथों छूट गया, लेकिन बाद में वे रन आउट होकर पवेलियन लौटे। मिडविकेट से विराट कोहली के सटीक सीधे थ्रो ने जांगू को क्रीज से बाहर कर दिया। उन्होंने 67 रनों की बहुत महत्वपूर्ण पारी खेली। जांगू के आउट होने के बाद शेर्फेन रदरफोर्ड ने 24 रन बनाए, हालांकि वे ज्यादा देर तक टिक नहीं सके। इसके बाद कीमो पॉल ने कप्तान होप के साथ मिलकर पारी को गति दी। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 65 रन जोड़े। पॉल ने 35 गेंदों पर 44 रनों की तेज पारी खेली, जिसमें 5 चौके शामिल थे।

कप्तान शाई होप की ऐतिहासिक और नाबाद शतकीय पारी

एक छोर पर लगातार विकेट गिरने के बावजूद कप्तान शाई होप ने अपने खेल की रफ्तार को कम नहीं होने दिया। उन्होंने लगातार अंतराल पर आक्रामक शॉट खेले और भारतीय गेंदबाजों को दबाव में रखा। होप ने 34वें ओवर में अपना 21वां वनडे शतक पूरा किया। यह भारत के खिलाफ उनका पाँचवां एकदिवसीय शतक और लगातार दूसरा शतक था। शतक पूरा करने के बाद भी उन्होंने कोई बड़ा जश्न नहीं मनाया और तुरंत अगली गेंदों पर रन बटोरने पर ध्यान केंद्रित किया।

शाई होप ने अपनी नाबाद 162 रनों की शानदार पारी में 17 चौके और 3 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 113 से अधिक का रहा। उन्होंने पारी के अंतिम हिस्से में विशेष रूप से आक्रामक रुख अपनाते हुए भारत की जीत की बची-खुची उम्मीदों को भी पूरी तरह समाप्त कर दिया।

अंतिम सात ओवरों में पलटा मैच का पूरा रुख

वेस्टइंडीज को जीत के लिए अंतिम सात ओवरों में 66 रनों की आवश्यकता थी। उस समय ऐसा लग रहा था कि भारत मैच में वापसी कर सकता है, लेकिन शाई होप ने कुलदीप यादव के एक ही ओवर में चौका और 83 मीटर लंबा छक्का लगाकर समीकरण को बेहद आसान बना दिया।

इसके बाद भारतीय गेंदबाजों की मुश्किलें लगातार बढ़ती चली गईं। 48वें ओवर में अंशुल कंबोज से एक बड़ी चूक हो गई और उन्होंने नो-बॉल फेंक दी, जिस समय शाई होप 146 के निजी स्कोर पर खेल रहे थे। मिले मौके का फायदा उठाते हुए होप ने फ्री हिट पर छक्का लगाकर अपना व्यक्तिगत स्कोर 150 तक पहुँचाया और अगली ही गेंद पर चौका भी जड़ दिया। इस महंगे ओवर में वेस्टइंडीज को कुल 22 रन प्राप्त हुए।

इसके बाद जीत केवल औصarikta मात्र रह गई थी। शाई होप ने नमन धीर की गेंद पर छक्का लगाकर स्कोर को बराबर किया और फिर अगली गेंद पर एक रन लेकर वेस्टइंडीज को 5 विकेट से ऐतिहासिक जीत दिला दी। वेस्टइंडीज ने 10 गेंदें शेष रहते ही लक्ष्य को प्राप्त कर लिया।

मैच में छूटे कुल नौ कैच और खराब क्षेत्ररक्षण

इस मुकाबले में दोनों टीमों की क्षेत्ररक्षण (फील्डिंग) का स्तर चर्चा का विषय रहा, क्योंकि पूरे मैच के दौरान कुल 9 कैच टपकाए गए। इनमें वेस्टइंडीज ने 6 और भारत ने 3 कैच छोड़े। यह एकदिवसीय क्रिकेट मैच में एक मुकाबले में सबसे ज्यादा कैच छूटने के पुराने रिकॉर्ड की बराबरी है। भारतीय पारी के दौरान वेस्टइंडीज ने कई आसान मौके गंवाए, जबकि रन चेज के वक्त भारतीय टीम भी कुछ बेहद महत्वपूर्ण कैच पकड़ने में विफल रही। इन जीवनदानों का सबसे ज्यादा फायदा शाई होप ने उठाया और अंत तक नाबाद रहते हुए अपनी टीम को विजयी बनाकर लौटे।

भारत ने 2-1 से अपने नाम की वनडे सीरीज

तीसरे और अंतिम वनडे में हार का सामना करने के बावजूद भारत ने तीन मैचों की यह सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। भारत ने शुरुआती दोनों मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज करके श्रृंखला पर पहले ही कब्जा कर लिया था। इस अंतिम मुकाबले में वेस्टइंडीज ने बेहतरीन जुझारू प्रदर्शन करते हुए सांत्वना जीत दर्ज की।

भारत के लिए केएल राहुल की नाबाद 129 रनों की शतकीय पारी और रोहित शर्मा की 92 रनों की उम्दा पारी बेहतरीन रही, लेकिन शाई होप की 162 रनों की नाबाद कप्तानी पारी ने दोनों भारतीय बल्लेबाजों के प्रयासों पर पानी फेर दिया। वेस्टइंडीज ने 352 रनों के विशाल लक्ष्य को हासिल कर भारत के खिलाफ वनडे क्रिकेट इतिहास में अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज कर लिया।