नोएडा | नोएडा में सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी की 42वीं मंजिल से कूदकर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन ने शनिवार को आत्महत्या कर ली। अत्यधिक ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण उनका शरीर क्षत-विक्षत हो गया। इस अत्यंत ही हृदयविदारक घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, गुरुग्राम के रहने वाले 30 वर्षीय संभव ने शुक्रवार को ही सुपरनोवा की एक एयरबीएनबी (Airbnb) प्रॉपर्टी में चेक-इन किया था और उन्हें शनिवार को ही चेक-आउट करना था।
एसी तकनीशियन अल्ताफ ने बयां किया आंखों देखा खौफनाक मंजर
नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा की एस्पायरा बिल्डिंग में हुए इस हादसे को लेकर मौके पर मौजूद एसी तकनीशियन अल्ताफ ने अपनी आंखों देखा हाल साझा किया। उनके मुताबिक, 42वीं मंजिल की बालकनी की रेलिंग के बाहर लटके सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन बेहद गंभीर तनाव में नजर आ रहे थे। उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे कर्मचारियों से संभव ने यहां तक कह दिया था कि वे उन्हें छोड़ दें, अन्यथा वे उन्हें भी अपने साथ नीचे खींचकर ले जाएंगे।
अल्ताफ ने बताया कि जब उन्होंने अपने तीन सहकर्मियों के साथ संभव को बालकनी की रेलिंग के बाहर लटका हुआ देखा, तो उन्होंने तुरंत उन्हें समझाने और सुरक्षित ऊपर खींचने का प्रयास शुरू कर दिया। कर्मचारी लगातार उन्हें सुरक्षित अंदर आने की अपील कर रहे थे, लेकिन स्थिति तब और अधिक भयावह हो गई जब संभव ने उन्हें पीछे हटने का इशारा करते हुए चेतावनी दी कि वे उन्हें छोड़ दें, वरना वे उन्हें भी साथ लेकर कूद जाएंगे। यह डरावनी चेतावनी सुनकर चारों कर्मी एक पल के लिए पीछे हट गए, और ठीक उसी क्षण संभव ने बालकनी से नीचे छलांग लगा दी। इस घटना के बाद से सदमे में दिख रहे अल्ताफ ने गहरा अफसोस जताया कि चार लोग मिलकर भी उनकी जान नहीं बचा पाए।
'मैं और जीना नहीं चाहता, इसके लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं'
नोएडा पुलिस को मृतक संभव जैन के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के दौरान उनके पिता के साथ हुई व्हाट्सएप (WhatsApp) चैट के स्क्रीनशॉट और संदेश मिले हैं। इस चैट में संभव ने आत्महत्या का स्पष्ट जिक्र करते हुए लिखा था कि वे अब और जीना नहीं चाहते, और इसके लिए उन्होंने किसी भी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। पुलिस के अनुसार, यह बातचीत घटना से कुछ ही समय पहले की है।
पुलिस इस चैट के समय और तमाम परिस्थितियों की भी बारीकी से जांच कर रही है। इस दुर्घटना के तुरंत बाद इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। एक वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि चार लोग किस प्रकार संभव को बचाने और उन्हें ऊपर खींचने की पुरजोर कोशिश कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर, बिल्डिंग के नीचे खड़े कई लोग इस दर्दनाक घटना का वीडियो बनाते हुए नजर आए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन वायरल वीडियो की भी तकनीकी जांच की जा रही है, जिससे घटना के पूरे क्रम को समझने और सच्चाई सामने लाने में मदद मिल सके।
पुलिस का बयान: चार लोगों ने बचाई जान झोंकने की पूरी ताकत
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह करीब 11:30 बजे जब एसी रिपेयरिंग का काम कर रहे कर्मचारी बालकनी की तरफ पहुंचे, तो उनकी नजर रेलिंग के बाहर लटके हुए संभव पर पड़ी। उनकी ऐसी खतरनाक स्थिति देखकर कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें समझाना शुरू किया और लगातार आग्रह किया कि वे नीचे न कूदें तथा वापस सुरक्षित अंदर आ जाएं।
उस समय वहां मौजूद लोगों ने उन्हें कसकर पकड़ने और ऊपर खींचने का पूरा प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, संभव को बचाने के लिए चार लोगों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। चारों ने उन्हें मजबूती से पकड़ लिया था और वे लगातार उन्हें ऊपर खींचने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान संभव काफी देर तक रेलिंग के बाहर ही लटके रहे और बचाने वाले लोग उन्हें लगातार दिलासा देते रहे। पुलिस के मुताबिक, इसी बीच संभव ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत भी की और साफ शब्दों में कहा कि वे अब और जीना नहीं चाहते। इसके बावजूद लोगों ने उन्हें लगातार भरोसा दिलाया और वापस ऊपर खींचने की जद्दोजहद जारी रखी। कुछ पलों के लिए तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो उन्हें सुरक्षित अंदर खींच लिया जाएगा, लेकिन अंततः यह कोशिश नाकाम हो गई।

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