लखनऊ| आधार कार्ड (Aadhaar Card) में जन्मतिथि (Date of Birth) में संशोधन या बदलाव कराने वाले नागरिकों के लिए नियम अब और अधिक सख्त होने जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आधार कार्ड में एक बार जन्मतिथि अपडेट कराने के बाद अब दूसरी बार बदलाव करना सामान्य प्रक्रिया के माध्यम से संभव नहीं होगा। इसके लिए पहले से ही कुछ विशेष प्रावधान लागू हैं, जिन्हें अब प्रशासन द्वारा और अधिक कड़ा किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से आधार कार्ड में दूसरी बार जन्मतिथि बदलवाने के लिए आने वाले आवेदनों पर फिलहाल रोक लगाई गई है। इसके लिए एक नई और उन्नत व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिसके आगामी 15 अक्टूबर से एक नई व कड़ी प्रक्रिया के साथ दोबारा शुरू होने की पूरी संभावना है।
यूआईडीएआई (UIDAI) के मौजूदा नियम और प्रावधान
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के वर्तमान नियमों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के आधार कार्ड में जन्मतिथि सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत केवल एक ही बार अपडेट की जा सकती है। यदि कोई नागरिक दूसरी बार जन्मतिथि में परिवर्तन करवाना चाहता है, तो यह केवल कुछ विशेष और निर्धारित परिस्थितियों में ही संभव हो सकता है। इस विशेष प्रक्रिया के तहत आवेदक को अधिकृत आधार सेवा केंद्र पर जाकर आवेदन करना होता है और साथ ही जन्मतिथि के समर्थन में पुख्ता व वैध मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। उच्च अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों के कड़े सत्यापन के बाद ही इसमें बदलाव की अनुमति दी जाती है। अब जो नए दिशा-निर्देश और नियम लागू किए जा रहे हैं, वे बेहद सख्त होंगे ताकि किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े या धोखाधड़ी से जन्मतिथि में बदलाव न किया जा सके।
नियमों को सख्त करने के पीछे का मुख्य कारण
विभागीय उच्चाधिकारियों के अनुसार, देश भर से रोजाना सैकड़ों ऐसे मामले सामने आते हैं जो एक से अधिक बार जन्मतिथि में संशोधन कराने से जुड़े होते हैं। यदि यूआईडीएआई के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें, तो उत्तर प्रदेश और बिहार राज्यों से इस प्रकार के आवेदन सबसे अधिक संख्या में प्राप्त होते हैं। इन आवेदनों में अधिकांश संख्या युवाओं की होती है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी या निजी नौकरियों तथा आयु सीमा से जुड़ी योग्यताओं का लाभ उठाने के लिए कई लोग जन्मतिथि में हेरफेर करवाते हैं, ताकि उन्हें चयन प्रक्रिया में अधिक अवसर मिल सकें। इस तरह की तमाम गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े की गुंजाइश को पूरी तरह समाप्त करने के लिए ही नियमों को और अधिक कड़ा किया जा रहा है। भविष्य में केवल अति-विशेष और अपरिहार्य परिस्थितियों में ही दूसरी या उससे अधिक बार जन्मतिथि में बदलाव की अनुमति प्रदान की जाएगी।

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